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टीवी की जानी-मानी अभिनेत्री जयति भाटिया ने नकारात्मक किरदार निभाने के अनुभव साझा किए

टीवी की प्रसिद्ध अभिनेत्री जयति भाटिया ने अपने नकारात्मक किरदार शारदा के अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि इस किरदार को निभाना उनके करियर का एक चुनौतीपूर्ण सफर रहा है, जिसमें उन्हें 12 से 14 घंटे तक उसी मानसिकता में रहना पड़ा। जयति ने दर्शकों की प्रतिक्रियाओं को भी सकारात्मक रूप से लिया है, जो उनके किरदार को और अधिक सच्चाई के साथ निभाने के लिए प्रेरित करती हैं। जानें इस दिलचस्प सफर के बारे में और क्या कुछ कहा उन्होंने।
 

जयति भाटिया का नकारात्मक किरदार: एक चुनौतीपूर्ण सफर


मुंबई, 13 जुलाई। टीवी की मशहूर अभिनेत्री जयति भाटिया ने छोटे पर्दे पर अपने बेहतरीन अभिनय के लिए एक खास पहचान बनाई है। उन्होंने अपने करियर में कई प्रकार के किरदार निभाए हैं, लेकिन नकारात्मक भूमिकाओं में उनकी छवि सबसे अधिक प्रबल रही है। वर्तमान में, वह टीवी शो 'जाने अनजाने हम मिले' में शारदा उर्फ शालिनी बत्रा का किरदार निभा रही हैं, जिसे दर्शक बेहद पसंद कर रहे हैं।


पर्दे पर खलनायिका का किरदार निभाना जितना सरल लगता है, असल में इसे जीना किसी कलाकार के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। जयति भाटिया ने इस अनुभव को साझा करते हुए बताया कि डेढ़ साल से अधिक समय तक एक नकारात्मक किरदार निभाना उनके करियर के सबसे कठिन अनुभवों में से एक रहा है।


टीवी शो 'जाने अनजाने हम मिले' में शारदा का किरदार नकारात्मक है। अभिनेत्री ने कहा कि जैसे-जैसे कहानी में नए मोड़ आते गए, शारदा का नकारात्मक पक्ष भी और मजबूत होता गया। ऐसे में रोजाना 12 से 14 घंटे तक उसी मानसिकता और भावनाओं के साथ काम करना एक बड़ी चुनौती बन गया।


उन्होंने कहा, ''पिछले डेढ़ साल से अधिक समय तक इस किरदार को निभाना मेरे अभिनय के सफर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। हर नए एपिसोड और ट्रैक के साथ शारदा का स्वभाव और चालाक, साजिश करने वाला और नकारात्मक होता गया। ऐसे में हर दिन 12 से 14 घंटे तक उसी मानसिक स्थिति में बने रहना आसान नहीं है। इस किरदार ने मेरे अभिनय के स्तर को काफी मजबूत किया है और मुझे हर दिन कुछ नया सीखने का अवसर दिया है।''


अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि शूटिंग खत्म होने के बाद वह खुद को किरदार से पूरी तरह अलग कर लेती हैं। उन्होंने कहा, ''जैसे ही पैकअप होता है, मैं शारदा को सेट पर ही छोड़ देती हूं और फिर से जयति बन जाती हूं। मेरे लिए यह आवश्यक है, ताकि मेरी निजी जिंदगी इस किरदार से प्रभावित न हो। अगर कलाकार ऐसा न करें, तो लगातार नकारात्मक किरदार निभाना मानसिक रूप से थका देने वाला हो सकता है।''


जयति ने कहा, ''सेट पर सभी कलाकार अच्छी तरह जानते हैं कि शारदा केवल एक किरदार है, असली जिंदगी में मैं ऐसी नहीं हूं। कैमरे के पीछे हम सभी साथ बैठकर हंसते हैं, बातें करते हैं और अच्छा समय बिताते हैं। इस माहौल की वजह से मुझे अपने किरदार के तनाव से बाहर आने में मदद मिलती है।''


अभिनेत्री ने दर्शकों की प्रतिक्रियाओं पर भी बात की। उन्होंने कहा, ''जब दर्शक शारदा पर गुस्सा होते हैं या उसके कामों की आलोचना करते हैं, तो मैं इसे अपनी तारीफ मानती हूं। इसका मतलब है कि उन्होंने मुझे इस किरदार में पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। मैं ऐसी प्रतिक्रियाओं को कभी व्यक्तिगत रूप से नहीं लेती। बल्कि यही बातें मुझे शारदा के किरदार को और अधिक सच्चाई और मजबूती के साथ निभाने के लिए प्रेरित करती हैं। मेरे लिए एक मजबूत नकारात्मक किरदार निभाने का यही सबसे बड़ा इनाम है।''


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