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क्या भारतीय टीवी की कहानी कहने की कला खो गई है? हर्ष छाया का खुलासा

भारतीय टेलीविजन ने पिछले तीन दशकों में कई बदलाव देखे हैं। अभिनेता हर्ष छाया ने इस पर अपनी राय साझा की है, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' ने टीवी की कहानी कहने की दिशा को बदल दिया। उन्होंने आज के टीवी शो में दिखाए जाने वाले कुछ अजीब दृश्यों पर भी नाराजगी जताई। जानें, हर्ष छाया ने टीवी इंडस्ट्री के वर्तमान काम करने के तरीके पर क्या कहा और कैसे यह सब कुछ बदल गया है।
 
क्या भारतीय टीवी की कहानी कहने की कला खो गई है? हर्ष छाया का खुलासा

भारतीय टेलीविजन में बदलाव की कहानी


मुंबई, 8 मई। भारतीय टेलीविजन ने पिछले 30 वर्षों में कई बदलाव देखे हैं। पहले, टीवी धारावाहिकों को उनकी मजबूत कथानक के लिए जाना जाता था, जिससे दर्शक खुद को उन कहानियों से जोड़ पाते थे। लेकिन समय के साथ, मनोरंजन की दुनिया में प्रतिस्पर्धा बढ़ी और टीआरपी की दौड़ ने कंटेंट के स्वरूप को बदल दिया। अब कई बार दर्शकों को ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं जो वास्तविकता से काफी दूर होते हैं। इस बदलाव पर अभिनेता हर्ष छाया ने एक इंटरव्यू में अपनी राय साझा की।


उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध टीवी शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के प्रसारण के बाद से टीवी की दिशा में बड़ा बदलाव आया।


हर्ष छाया ने कहा, "साल 2000 से पहले और बाद के टीवी कंटेंट में बहुत बड़ा अंतर है। 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के पहले एपिसोड ने टीवी इंडस्ट्री में कहानी कहने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया। पहले, धारावाहिकों में कहानी, भावनाओं और किरदारों की वास्तविकता पर अधिक ध्यान दिया जाता था, लेकिन अब चीजें अलग दिशा में बढ़ गई हैं। यह बदलाव इतना स्पष्ट है कि कोई भी आसानी से दोनों युगों के टीवी कंटेंट में अंतर महसूस कर सकता है।"


उन्होंने आज के टीवी शो में दिखाए जाने वाले कुछ दृश्यों पर भी अपनी नाराजगी व्यक्त की। एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "मैं हाल ही में मोबाइल पर एक वीडियो देख रहा था, तभी मेरी नजर एक डेली सोप के दृश्य पर पड़ी। उस दृश्य में परिवार के लोग बालकनी में खड़े होकर परेशान दिखाई दे रहे थे, जबकि हीरो और हीरोइन आसमान में उड़ती पतंग से लटके हुए थे। हीरोइन डर रही थी कि वह गिर जाएगी और हीरो उसे एक हाथ से बचाने की कोशिश कर रहा था। ऐसे दृश्य देखकर समझ नहीं आता कि आखिर टीवी कहां पहुंच गया है।"


उन्होंने एक और अनुभव साझा किया, जिसमें उन्होंने एक शो में डॉक्टर का किरदार निभाया था। उस दृश्य में एक व्यक्ति बीमार होकर गिर जाता है और उनका किरदार उसे घर लेकर आता है। परिवार के लोग घबरा जाते हैं और फिर वह मरीज के पेट पर हाथ रखकर कहते हैं कि उसने ड्रग्स लिए हैं। हर्ष ने कहा, "मुझे यह समझ नहीं आया कि बिना किसी टेस्ट के डॉक्टर को कैसे पता चला कि मरीज ने ड्रग्स लिया है।"


हर्ष छाया ने टीवी इंडस्ट्री के वर्तमान काम करने के तरीके पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "पहले कलाकार किसी दृश्य को लेकर सवाल पूछते थे या उसमें बदलाव की जरूरत महसूस करते थे, तो निर्देशक के साथ चर्चा होती थी। अब सेट पर ज्यादातर ध्यान सिर्फ इस बात पर होता है कि किसी तरह 22 मिनट का एपिसोड पूरा हो जाए।"


हर्ष छाया पिछले तीन दशकों से मनोरंजन जगत का हिस्सा हैं और उन्होंने 'हसरतें', 'तारा' और 'कोशिश- एक आशा' जैसे कई चर्चित धारावाहिकों में काम किया है। इसके अलावा, वह फिल्मों और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय हैं। हाल ही में, वह ओटीटी शो 'अनदेखी' में नजर आए थे।


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