क्या इन्फ्लुएंसर्स ले सकते हैं एक्टर्स की जगह? हितेन तेजवानी का जवाब जानें!
डिजिटल युग में मनोरंजन का नया चेहरा
मुंबई, 24 मार्च। आज के डिजिटल युग में मनोरंजन की दुनिया में तेजी से बदलाव आ रहा है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के चलते, फिल्मों और वेब शोज़ में इन्फ्लुएंसर्स की भागीदारी भी बढ़ती जा रही है। कई प्रमुख प्रोजेक्ट्स में ऐसे चेहरे दिखाई दे रहे हैं, जो पहले केवल सोशल मीडिया तक सीमित थे। इस संदर्भ में यह सवाल उठता है कि क्या इससे पेशेवर और प्रशिक्षित कलाकारों के अवसर कम हो जाएंगे। इस विषय पर टीवी इंडस्ट्री के प्रसिद्ध अभिनेता हितेन तेजवानी ने एक इंटरव्यू में अपने विचार साझा किए।
हितेन तेजवानी ने स्पष्ट किया, ''मुझे नहीं लगता कि इन्फ्लुएंसर्स कभी भी एक्टर्स की जगह ले सकते हैं। यदि किसी किरदार के लिए गहरी अभिनय क्षमता की आवश्यकता है, तो निर्माता उसी कलाकार को चुनेंगे जो उस भूमिका को सही तरीके से निभा सके। अभिनय एक कौशल है, जिसे सीखना और समझना आवश्यक है, और यह हर किसी के लिए संभव नहीं होता।''
उन्होंने फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के काम करने के तरीके को समझाते हुए कहा, ''शूटिंग के दौरान समय की कमी होती है। ऐसे में निर्माताओं को ऐसे कलाकारों की आवश्यकता होती है, जो कम समय में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। यदि कोई प्रोजेक्ट गहरी और प्रभावशाली कहानी पर आधारित है, तो उसमें अनुभवी और प्रतिभाशाली कलाकारों को प्राथमिकता दी जाती है।''
हितेन ने आगे कहा, ''किसी प्रोजेक्ट में काम करना या न करना कलाकार की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। हर अभिनेता अपनी रुचियों और स्क्रिप्ट के आधार पर प्रोजेक्ट का चयन करता है, इसलिए यह कहना गलत होगा कि कोई एक वर्ग दूसरे का काम पूरी तरह से छीन लेगा।''
उन्होंने कहा, ''इंडस्ट्री में दोनों का महत्व है। यदि किसी प्रोजेक्ट में एक लोकप्रिय चेहरा होता है, तो वह फिल्म या शो को अधिक दर्शकों तक पहुंचाने में मदद करता है, लेकिन साथ ही अच्छे और अनुभवी कलाकारों का होना भी उतना ही आवश्यक है, जो कहानी को मजबूती प्रदान कर सकें।''
हितेन ने विशेष रूप से थिएटर और अभिनय पृष्ठभूमि से आने वाले कलाकारों की सराहना की। उन्होंने कहा, ''ऐसे कलाकार अपने अनुभव और समझ से किरदार में गहराई और वास्तविकता लाते हैं, जिससे कहानी अधिक प्रभावशाली बनती है।''
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