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दीपावली पर अद्रिजा रॉय की खास यादें: त्योहार का असली मतलब क्या है?

अद्रिजा रॉय ने दीपावली के अपने अनुभव साझा किए हैं, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे इस त्योहार का मतलब उनके लिए बदल गया है। बचपन में उत्साह से भरी दीपावली अब उनके लिए प्रियजनों के साथ बिताए गए पलों का जश्न बन गई है। उन्होंने अपने नए परिवार के साथ त्योहार मनाने की खुशी और काम के बीच संतुलन बनाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला। जानें अद्रिजा की दीपावली की खास यादें और उनके विचार इस पर्व के असली जश्न पर।
 

अद्रिजा रॉय की दीपावली की यादें

मुंबई, 6 नवंबर। टीवी शो 'अनुपमा' की अदाकारा अद्रिजा रॉय ने दीपावली से जुड़ी अपनी प्यारी यादों को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे उनके बचपन से लेकर अब तक इस त्योहार को मनाने का तरीका बदल गया है।


अद्रिजा ने कहा कि बचपन में दीपावली का इंतजार करना उनके लिए बहुत खास होता था और त्योहार की तैयारियों में उन्हें काफी उत्साह रहता था। लेकिन समय के साथ, उनके लिए इस पर्व का अर्थ बदल गया है। अब यह उनके लिए अपने प्रियजनों के साथ समय बिताने और यादें बनाने का अवसर है।


उन्होंने अपनी यादों को साझा करते हुए कहा, ''बचपन में मैं दीपावली के दिन की गिनती करती थी, लेकिन अब मैं उन शांत पलों का इंतजार करती हूं। बड़े होने के साथ हमारी प्राथमिकताएं और उम्मीदें भी बदल जाती हैं।''


अद्रिजा ने आगे कहा, ''पहले मैं त्योहार से मिलने वाले उपहारों पर ध्यान देती थी, लेकिन अब मैं इस बात पर ध्यान केंद्रित करती हूं कि मैं अपने आस-पास के लोगों के साथ क्या साझा कर सकती हूं। असली जश्न तो अपनों के साथ बिताए गए हंसते-खेलते पलों में है, जो सजावट के खत्म होने के बाद भी याद रहते हैं।''


इस साल दीपावली की योजनाओं के बारे में बात करते हुए, अद्रिजा ने कहा कि वह अपने पति विग्नेश और ससुराल वालों के साथ त्योहार मनाने के लिए बेहद उत्साहित हैं।


उन्होंने कहा, ''मैं इस साल विग्नेश और अपने ससुराल वालों के साथ दीपावली मनाने को लेकर बहुत खुश हूं। नए परिवार की परंपराओं का हिस्सा बनना और अपनी परंपराएं जोड़ना बहुत अच्छा लगता है। मैं छोटी-छोटी चीजों का आनंद लेना चाहती हूं, जैसे कि एक साथ तैयार होना, त्योहार का खाना खाना, या बिना समय देखे सबके साथ बैठकर वक्त बिताना।''


काम और त्योहार के बीच संतुलन बनाने के बारे में अद्रिजा ने कहा कि उनके पेशे में कोई निश्चित शेड्यूल नहीं होता। इसलिए, उन्होंने मिलने वाले समय का पूरा उपयोग करना सीख लिया है। परिवार के साथ बिताए गए कुछ घंटे भी त्योहार को खास बना सकते हैं।


उन्होंने कहा, ''हमारे पेशे में हमेशा एक निश्चित शेड्यूल नहीं होता। इसलिए मैंने जितना भी समय मिलता है, उसका पूरा आनंद लेना सीख लिया है। परिवार के साथ बिताए गए कुछ घंटे भी किसी बड़े जश्न से कम नहीं होते। मुझे नहीं लगता कि यादें बनाने के लिए पूरे दिन की छुट्टी का इंतजार करना चाहिए।''


अद्रिजा ने अपनी बात को समाप्त करते हुए कहा, ''खुशियों का जश्न मनाने के लिए किसी खास मौके का इंतजार नहीं करना चाहिए। मैं सभी से अपील करती हूं कि वे अपने करीबियों से मिलें, परिवार के साथ समय बिताएं और उन लोगों की अहमियत समझें, जो उनकी जिंदगी को खास बनाते हैं। सालों बाद दीपावली की सजावट नहीं, बल्कि उन लोगों के साथ बिताए गए पल और उनसे जुड़ी यादें ही हमारे साथ रहेंगी।''


अद्रिजा वर्तमान में टीवी सीरियल 'अनुपमा' में राही का किरदार निभा रही हैं।


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