दीपक पाराशर का सीआईएनटीएए से इस्तीफा: क्या है इसके पीछे की कहानी?
दीपक पाराशर का इस्तीफा
मुंबई, 12 अगस्त। अभिनेता दीपक पाराशर ने हाल ही में सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सीआईएनटीएए) की कार्यकारी समिति से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि पिछले डेढ़ साल से ऐसा महसूस हो रहा है कि केवल दो लोग ही काम कर रहे हैं, जबकि अन्य सदस्य सक्रिय नहीं हैं।
उन्होंने कहा, "हर संगठन को टीम की तरह काम करना चाहिए। मैंने देखा है कि सीआईएनटीएए और हमारे पास एक ट्रस्ट है। ट्रस्ट चैरिटी कमिश्नर के अधीन है, जबकि सीआईएनटीएए लेबर कमिश्नर के अधीन है। लेकिन सीआईएनटीएए में केवल एक या दो व्यक्तियों को ही प्रमुखता दी जा रही है। ऐसा लगता है कि 2024 से अब तक जो कुछ भी हुआ है, वह केवल उन्हीं की वजह से हुआ है। यह सच नहीं है, हमारे जनरल सेक्रेटरी भी इसमें शामिल रहे हैं।"
दीपक ने आगे कहा, "यह गलत है। इससे यह संदेश जाता है कि केवल दो लोग ही काम कर रहे हैं और बाकी का कोई योगदान नहीं है। जनरल सेक्रेटरी ने भी बहुत मेहनत की है। मेरी उपस्थिति सबसे अधिक रही है। मेरी उपस्थिति 39 थी, जबकि अन्य सदस्यों की उपस्थिति 29 से अधिक नहीं थी।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई विशेष घटना है जिसमें उन्हें लगा कि कार्यकारी समिति को नजरअंदाज किया गया है, तो उन्होंने कहा, "लेबर कमिश्नर ने एक पत्र भेजा है जिसमें कहा गया है कि पचास प्रतिशत से अधिक सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। हमारे संविधान के अनुसार, ऐसा होने पर समिति भंग हो जाती है। इसके बावजूद, एजीएम और बैठकें हो रही हैं।"
उन्होंने पद्मिनी कोल्हापुरी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अब वे जनरल सेक्रेटरी के रूप में अपना नाम नहीं लिख रही हैं। उन्होंने कहा, "क्या कोई चुनाव हुआ था? यह निर्णय कैसे लिया गया?"
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