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टीचर डे पर शरद केलकर ने याद किए अपने मेंटर्स, कहा- 'मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं'

अभिनेता शरद केलकर ने शिक्षक दिवस पर अपने शिक्षकों और मेंटर्स को याद किया, जिन्होंने उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बचपन में शिक्षकों का महत्व समझ नहीं आता, लेकिन बड़े होने पर उनकी अहमियत का एहसास होता है। शरद ने अपनी बेटी के लिए भी अच्छे शिक्षकों की कामना की। जानें उनके विचार और धारावाहिक 'तुम से तुम तक' के बारे में।
 

शरद केलकर का टीचर डे पर खास संदेश

मुंबई, 5 सितंबर। अभिनेता शरद केलकर वर्तमान में टीवी धारावाहिक 'तुम से तुम तक' में दिखाई दे रहे हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर, उन्होंने उन शिक्षकों को याद किया जिन्होंने उन्हें बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित किया।


शरद ने एक बातचीत में कहा, "बचपन में हमें अपने शिक्षकों के महत्व का सही अंदाजा नहीं होता। स्कूल का मतलब हमारे लिए ज्यादातर दोस्त, पढ़ाई और बचपन की खुशियों से होता है, लेकिन जब हम स्कूल छोड़ते हैं, तब हमें यह समझ में आता है कि बच्चों के लिए शिक्षक और मेंटर्स कितने महत्वपूर्ण होते हैं।"


उन्होंने आगे बताया कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें जीवन में बेहतरीन मेंटर्स मिले हैं। उन्होंने कहा, "मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि स्कूल, कॉलेज और अभिनय के सफर में, मुझे ऐसे अद्भुत टीचर्स और मेंटर्स मिले जिन्होंने मुझे सीखने और नई चीजें आजमाने के लिए प्रेरित किया।"


शरद ने कहा, "आज एक पिता के रूप में जब मैं अपनी बेटी को पढ़ते हुए देखता हूं, तो मुझे खुशी होती है कि उसे भी ऐसे शिक्षक मिले हैं जो उसे मार्गदर्शन और प्रेरणा देते हैं। इस शिक्षक दिवस पर, मैं न केवल अपने स्कूल के शिक्षकों का, बल्कि हर उस मेंटर का दिल से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझे मार्गदर्शन किया और मुझे आज का इंसान और अभिनेता बनाने में मदद की।"


धारावाहिक 'तुम से तुम तक' की कहानी दिल्ली के चांदनी चौक की 20 वर्षीय मिडिल-क्लास लड़की अनु शर्मा और 46 वर्षीय सफल उद्योगपति आर्यवर्धन की है। अनु के पिता एक स्थानीय स्टोर पर काम करते हैं, जो आर्यवर्धन की कंपनी के ब्रांड राजनंदिनी साड़ी को बेचता है। यह शो जीटीवी पर प्रसारित हो रहा है।


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