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क्या है जीत की नई फिल्म 'केउ बोले बिप्लबी केउ बोले डकैत' का राज? जानें अभिनेता की दिलचस्प बातें!

बंगाली सिनेमा के मशहूर अभिनेता जीत की नई फिल्म 'केउ बोले बिप्लबी केउ बोले डकैत' जल्द ही रिलीज होने वाली है। अभिनेता ने बताया कि पहले उन्हें फिल्म के टाइटल से संतोष नहीं था, लेकिन अब वह इसे फिल्म की ताकत मानते हैं। यह फिल्म भारतीय क्रांतिकारी अनंत सिंह के जीवन पर आधारित है और 14 अगस्त को सिनेमाघरों में आएगी। जानें इस फिल्म की कहानी और जीत के विचार इस दिलचस्प लेख में!
 

जीत की नई फिल्म का टाइटल और कहानी




मुंबई, 7 अगस्त। बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध अभिनेता जीत की नई फिल्म 'केउ बोले बिप्लबी केउ बोले डकैत' जल्द ही सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। अभिनेता ने एक इंटरव्यू में साझा किया कि शुरुआत में उन्हें फिल्म के नाम से संतोष नहीं था और वे इसे छोटा रखने की इच्छा रखते थे।


हालांकि, अब जीत मानते हैं कि यही टाइटल फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता बन गया है। उन्होंने कहा कि इस नाम के जरिए दर्शकों में यह जानने की जिज्ञासा बढ़ गई है कि स्वतंत्रता सेनानी अनंत सिंह वास्तव में कौन थे।


जीत ने कहा, "जब फिल्म का नाम तय हुआ, तब मैं इसे लेकर ज्यादा खुश नहीं था, लेकिन अब मुझे खुशी है कि यही नाम रखा गया। लोग अब जानने के लिए उत्सुक हैं कि अनंत सिंह कौन थे। यह हमारे लिए एक बड़ा मार्केटिंग पॉइंट है। हम इसी पर ध्यान केंद्रित करना चाहते थे। असलियत जानने के लिए दर्शकों को 14 अगस्त का इंतजार करना होगा।"


पाथिकृत बसु द्वारा निर्देशित यह बायोग्राफिकल एक्शन ड्रामा फिल्म भारतीय क्रांतिकारी अनंत सिंह के जीवन पर आधारित है। फिल्म में जीत के साथ टोटा रॉय चौधरी, कौशिक सेन, रजतव दत्त, चंदन सेन, लोकनाथ डे और मिमी चक्रवर्ती भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म 14 अगस्त को रिलीज होगी।


1960 के दशक के कोलकाता की पृष्ठभूमि पर आधारित यह कहानी अनंत सिंह नामक एक रहस्यमय बुजुर्ग की है, जो शक्तिशाली लोगों को लूटता है। इसके चलते लोग उसे दो धड़ों में बांट देते हैं - कुछ उसे अपराधी मानते हैं, जबकि अन्य उसे एक क्रांतिकारी के रूप में देखते हैं। जैसे-जैसे इंस्पेक्टर दुर्गा रॉय उसका पीछा करती हैं, कहानी समय के साथ आगे-पीछे होती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे अनंत आजादी की लड़ाई में मास्टरदा सूर्य सेन के साथ एक निडर क्रांतिकारी था, और फिर कैसे वह भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ लड़ने वाला एक हताश इंसान बन गया।


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