क्या मुंबई के फिल्म सेट पर खाना है सुरक्षित? एफडब्ल्यूआईसीई ने उठाई गंभीर चिंता
फिल्म सेट पर भोजन की गुणवत्ता पर सवाल
मुंबई, 13 अगस्त। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) ने महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे से फिल्म सेट पर काम करने वाले कलाकारों और तकनीशियनों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर कार्रवाई की मांग की है।
एफडब्ल्यूआईसीई ने इस मुद्दे पर एक पत्र भेजकर फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल कंटेंट की शूटिंग के दौरान कर्मचारियों को दिए जाने वाले भोजन की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि उन्हें विभिन्न यूनियनों और सदस्यों से लंबे समय से खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। इन शिकायतों में बासी खाना, ठीक से न पका हुआ भोजन और साफ-सफाई की कमी शामिल हैं।
पत्र में संगठन ने कहा, "कई शूटिंग स्थलों पर कर्मचारियों को ऐसा भोजन दिया जाता है, जो न तो ताजा होता है और न ही पौष्टिक। कई बार खाना ऐसी जगहों पर तैयार किया जाता है, जहां स्वच्छता का ध्यान नहीं रखा जाता। यह समस्या इसलिए और गंभीर हो जाती है क्योंकि शूटिंग से जुड़े लोग कई घंटों तक काम करते हैं। अगर उन्हें अच्छा भोजन नहीं मिलता, तो यह उनकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।"
एफडब्ल्यूआईसीई ने कहा, "हमने पहले भी इस मुद्दे को श्रम विभाग और अन्य संबंधित सरकारी विभागों के सामने उठाया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस कारण कई कलाकार, तकनीशियन और अन्य कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर साफ भोजन की कमी का सामना कर रहे हैं।"
संगठन ने भोजन के लिए मिलने वाली जगह और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "कई शूटिंग सेट पर कर्मचारियों को खुले में बैठकर खाना खाना पड़ता है, जहां धूल, गर्मी, बारिश और गंदगी जैसी समस्याएं होती हैं। कई स्थानों पर खाने के लिए कोई अलग जगह नहीं होती, और बैठने की व्यवस्था भी अपर्याप्त होती है।"
एफडब्ल्यूआईसीई ने साफ पानी और स्वच्छता की कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि जिस इंडस्ट्री में लोग घंटों काम करते हैं, वहां भोजन के लिए साफ जगह होना एक बुनियादी आवश्यकता है। ऐसे हालात किसी व्यवस्थित कार्यस्थल के लिए उचित नहीं माने जा सकते।
एफडब्ल्यूआईसीई ने तुकाराम मुंढे से मुंबई फिल्म सिटी, गोरेगांव और अन्य शूटिंग स्थलों पर औचक निरीक्षण की मांग की है। संगठन चाहता है कि अधिकारी बिना पूर्व सूचना के सेट पर पहुंचकर वहां की वास्तविक स्थिति का आकलन करें।
संगठन ने अधिकारियों से शूटिंग सेट पर मौजूद किचन, खाना बनाने की जगह, खाद्य सामग्री रखने की व्यवस्था और कैटरिंग सिस्टम की जांच करने की अपील की है।
पत्र में एफडब्ल्यूआईसीई ने फिल्म और मनोरंजन उद्योग के कर्मचारियों, तकनीशियनों और कलाकारों को इंडस्ट्री की रीढ़ बताया है। उनका कहना है कि यही लोग घंटों मेहनत करके वह कंटेंट तैयार करते हैं, जिसे देशभर के करोड़ों दर्शक देखते हैं। ऐसे में उन्हें सुरक्षित भोजन और साफ-सुथरी जगह मिलना आवश्यक है।
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