क्या दिशा वकानी की वापसी से फिर से चमकेगा 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा'? दिलीप जोशी ने जताई उम्मीद!
दिलीप जोशी की दिशा वकानी के साथ यादें
मुंबई, 30 जुलाई। अभिनेता दिलीप जोशी ने अपने टीवी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में को-स्टार दिशा वकानी के साथ दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया है। दिशा के शो छोड़ने के बाद उनकी कमी न केवल दर्शकों को, बल्कि उनके सह-कलाकारों को भी महसूस होती है।
दिलीप जोशी ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि उन्हें दिशा (जो दया बेन का किरदार निभाती थीं) के साथ स्क्रीन पर बिताए गए पल याद आते हैं। शो के 18 साल पूरे होने के मौके पर, उन्होंने आशा व्यक्त की कि 'कोई चमत्कार हो और दिशा वापस लौट आएं।'
उन्होंने कहा, "पिछले 10 वर्षों से दिशा और मैं इस शो का हिस्सा रहे हैं। दर्शक जानते हैं कि हमने कितने बेहतरीन दृश्य एक साथ किए हैं। इसलिए हमें उनकी केमिस्ट्री और उन दृश्यों की याद आती है।"
दिलीप ने यह भी बताया कि निर्माता असित मोदी जेठालाल और दयाबेन की जादुई जोड़ी को फिर से लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "असित जी ने मुझसे कहा कि उन्हें भी उन दृश्यों की याद आती है जो हमने घर पर शूट किए थे। वह सोचते रहते हैं कि कैसे उन दृश्यों को फिर से लाया जाए। उनके पास कुछ आइडियाज हैं, लेकिन स्क्रिप्ट में इसे शामिल नहीं किया जा सका।"
उन्होंने आगे कहा, "एक अभिनेता के रूप में दिशा ने जो स्तर का काम किया है, उसकी मुझे निश्चित रूप से याद आती है।"
अभिनेत्री मुनमुन दत्ता ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने कभी शो में दूसरी महिलाओं को प्रतिस्पर्धा के रूप में नहीं देखा। उन्होंने कहा, "मैं एक मजबूत और स्वतंत्र महिला हूं। मेरा मानना है कि अगर हमें आगे बढ़ना है, तो हमें एक साथ चलना होगा। मैं कभी भी किसी से असुरक्षित नहीं रही।"
मुनमुन ने गोकुलधाम सोसाइटी की महिलाओं का जिक्र करते हुए उन्हें 'शानदार,' 'इंटेलिजेंट' और साथ काम करने के लिए 'अद्भुत' बताया। उन्होंने कहा, "मैं इन अद्भुत महिलाओं के साथ होने के लिए आभारी हूं। हमारा एक-दूसरे के साथ बहुत अच्छा रिश्ता है और मुझे लगता है कि वे सभी कमाल की हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि फीमेल एक्टर्स को अक्सर वह पहचान नहीं मिलती, जिसकी वे हकदार हैं, जबकि वे शो की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा, "कभी-कभी महिलाओं को उतनी अहमियत नहीं मिलती। मैं यह नहीं कह रही कि ऐसा यहां होता है, लेकिन कुछ जगहों पर ऐसा होता है। हम शो और अपने किरदारों में बहुत कुछ लाते हैं। 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में महिलाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।"
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