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बिहार: सिनेमा का नया हब बनने की ओर, जानें सरकार की नई फिल्म नीति के बारे में!

बिहार, एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर से भरपूर राज्य, अब सिनेमा के क्षेत्र में एक नया हब बनने की दिशा में बढ़ रहा है। बिहार सरकार ने फिल्म इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए नई फिल्म प्रोत्साहन नीति लागू की है, जिसका उद्देश्य फिल्म निर्माण को बढ़ावा देना और रोजगार सृजन करना है। इस नीति के तहत विभिन्न प्रकार के अनुदान और आर्थिक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं, जिससे राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। जानें इस नीति के तहत मिलने वाले लाभ और बिहार की प्रमुख लोकेशंस के बारे में।
 
बिहार: सिनेमा का नया हब बनने की ओर, जानें सरकार की नई फिल्म नीति के बारे में!

बिहार का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व


पटना, 22 मार्च। बिहार, भारत का एक ऐतिहासिक और खूबसूरत राज्य है, जो गंगा नदी की पावन धारा, मौर्य साम्राज्य, पहले लोकतंत्र वैशाली और प्राचीन नालंदा की धरोहर के लिए जाना जाता है। यहाँ बोधगया का महाबोधि मंदिर, महाभारत से जुड़ा राजगीर का इतिहास और मधुबनी पेंटिंग्स की जीवंतता भी है। बिहार की मिट्टी उपजाऊ है और इसकी संस्कृति समृद्ध है। यह राज्य आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक धरोहर का अद्भुत संगम है, साथ ही सिनेमा जगत के लिए भी महत्वपूर्ण है।


बिहार दिवस और फिल्म प्रोत्साहन नीति

22 मार्च को बिहार दिवस मनाया जाता है, जो राज्य के गठन और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को याद करने का अवसर है। कई फिल्में, टीवी शो और वेब सीरीज यहाँ शूट की जा चुकी हैं। बिहार सरकार ने फिल्म इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति लागू की है, जिसका उद्देश्य राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन करना और पर्यटन को प्रोत्साहित करना है। यह नीति भारतीय सिनेमा की आर्थिक ताकत को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है, जहाँ 2023 में फिल्म इंडस्ट्री ने 12,226 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया।


फिल्म निर्माण के लिए आर्थिक प्रोत्साहन

बिहार ने सिनेमा को कई बेहतरीन अभिनेता दिए हैं और अब यह राज्य खुद को फिल्म हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहा है। इस नीति के तहत, फिल्म, टीवी सीरियल, वेब सीरीज और डॉक्यूमेंट्री शूटिंग करने वाले निर्माताओं को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कला, संस्कृति और युवा विभाग इस प्रक्रिया में शामिल है, और बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम इसकी नोडल एजेंसी है। सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से अनुमति, सब्सिडी और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।


प्रमुख प्रोत्साहन और अनुदान

राज्य में 75 प्रतिशत से अधिक शूटिंग पर अतिरिक्त 50 लाख तक का अनुदान, राज्यकेंद्रित कहानी वाली फिल्मों के लिए 50 प्रतिशत या 2 करोड़ तक विशेष अनुदान, और स्थानीय कलाकारों को अवसर देने पर 10 से 25 लाख अतिरिक्त दिए जाते हैं। भोजपुरी, मैथिली और मगही जैसी क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों के लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध है, जबकि हिंदी और अंग्रेजी के लिए यह 25 प्रतिशत तक है।


बिहार की लोकेशंस और फिल्म निर्माण

टीवी सीरियल के लिए 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक, ओटीटी वेब सीरीज के लिए 2 से 3 करोड़ तक और डॉक्यूमेंट्री के लिए 30 से 40 लाख तक का अनुदान दिया जाता है, जो पर्यटन, विरासत और संस्कृति पर केंद्रित होती हैं। सभी अनुदान सेंसर बोर्ड के सर्टिफिकेट और रिलीज के बाद मिलते हैं। बिहार की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक स्थल और सांस्कृतिक धरोहर अब फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर रही हैं। प्रमुख लोकेशंस में पटना का गोलघर, गंगा जेपी पाथ, महावीर मंदिर, राजगीर का घोड़ा कटोरा झील, विश्व शांति स्तूप, नालंदा, बोधगया, गया, जहानाबाद, वैशाली, पावापुरी, रोहतासगढ़ किला और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व शामिल हैं।


बिहार का फिल्म सिटी और पर्यटन

ये स्थान बॉलीवुड, भोजपुरी और वेब सीरीज के लिए उपयोग किए जा रहे हैं। इस नीति के माध्यम से राज्य में फिल्म सिटी, स्किल डेवलपमेंट और पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।


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