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क्या है 'मसकली' गाने की अनोखी कहानी? प्रसून जोशी ने अमिताभ बच्चन के शो में किया खुलासा!

प्रसून जोशी ने हाल ही में अमिताभ बच्चन के शो 'कौन बनेगा करोड़पति-18' में 'मसकली' गाने की दिलचस्प कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे इस गाने का नाम सोनम कपूर के पालतू कबूतर से प्रेरित था। जानें इस गाने की अनोखी कहानी और फिल्म 'दिल्ली-6' की पृष्ठभूमि के बारे में।
 

प्रसून जोशी का दिलचस्प किस्सा

मुंबई, 7 नवंबर। प्रसिद्ध गीतकार और पटकथा लेखक प्रसून जोशी हाल ही में मेगास्टार अमिताभ बच्चन के क्विज रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति-18' में शामिल हुए। इस शो के दौरान, उन्होंने अभिनेता को फिल्म 'दिल्ली-6' के मशहूर गाने 'मसकली' के पीछे की रोचक कहानी सुनाई।


प्रसून ने अमिताभ से बातचीत करते हुए बताया कि 'दिल्ली-6' में सोनम कपूर के किरदार के पास एक पालतू कबूतर था, जिसका नाम गाने की लोकप्रियता के बाद 'मसकली' रखा गया। उन्होंने कहा, "जब फिल्म 'दिल्ली-6' की स्क्रिप्ट पर काम चल रहा था, तब गाने का नाम कबूतर के नाम पर रखा गया।"


उन्होंने आगे कहा, "कई बार शब्दों की ध्वनि इतनी आकर्षक होती है कि ऐसा लगता है जैसे पूरी दुनिया उसके चारों ओर घूम रही है।"


गौरतलब है कि 'मसकली' गाना 2009 में आई बॉलीवुड फिल्म 'दिल्ली-6' का एक बेहद लोकप्रिय ट्रैक है। इस गाने में एक कबूतर की कहानी दिखाई गई है, जिसका नाम 'मसकली' है। तुर्की में 'मसकली' का अर्थ 'परीकथा' होता है। यह गाना आजादी, शांति और ऊँचाई की उड़ान का प्रतीक भी है।


इस गाने को मोहित चौहान ने गाया था, जबकि संगीत ए.आर. रहमान ने दिया और लिरिक्स प्रसून जोशी ने लिखे थे। इसमें अभिषेक बच्चन और सोनम कपूर मुख्य भूमिका में थे, और यह फिल्म के सबसे यादगार गानों में से एक बन गया।


राकेश ओमप्रकाश मेहरा द्वारा निर्देशित 'दिल्ली-6' में अभिषेक बच्चन (रोशन), सोनम कपूर (बिट्टू), वहीदा रहमान (दादी अन्नपूर्णा), ओम पुरी, ऋषि कपूर, दिव्या दत्ता और अतुल कुलकर्णी जैसे कलाकार शामिल हैं।


फिल्म की कहानी एक एनआरआई युवक रोशन (अभिषेक बच्चन) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी बीमार दादी अन्नपूर्णा (वहीदा रहमान) की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए पुरानी दिल्ली के अपने पुराने मोहल्ले में आता है। वहां पहुंचकर वह पुरानी दिल्ली की संस्कृति, परंपराओं और कुरीतियों को करीब से देखता है। इस दौरान इलाके में 'काले बंदर' नामक एक रहस्यमयी जीव के हमलों की अफवाहें फैल जाती हैं, जिसका इस्तेमाल कुछ स्वार्थी लोग अपने फायदे के लिए करते हैं।


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