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क्या आप जानते हैं 'परदेसी परदेसी' की बंजारन नर्तकी कौन है? जानें प्रतिभा सिन्हा की कहानी!

प्रतिभा सिन्हा, जो 'राजा हिंदुस्तानी' के प्रसिद्ध गीत 'परदेसी परदेसी' में बंजारन नर्तकी के रूप में जानी जाती हैं, का जीवन विवादों और संघर्षों से भरा रहा है। माला सिन्हा की बेटी होने के नाते, प्रतिभा ने अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन उनके प्रेम संबंधों ने उनके जीवन को जटिल बना दिया। जानें कैसे उन्होंने अपने करियर को संभाला और अब एक शांत जीवन जी रही हैं।
 

प्रतिभा सिन्हा: एक अद्वितीय यात्रा


मुंबई, 3 जुलाई। 1996 में आई फिल्म 'राजा हिंदुस्तानी' का लोकप्रिय गीत 'परदेसी परदेसी' आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। इस गाने में करिश्मा कपूर के साथ नजर आई बंजारन नर्तकी कोई और नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री माला सिन्हा की बेटी, प्रतिभा सिन्हा हैं।


यह 7 मिनट 13 सेकंड का गाना उन्हें रातोंरात स्टार बना गया। हालांकि, जिस संगीतकार जोड़ी (नदीम-श्रवण) ने उन्हें सफलता दिलाई, उसी नदीम सैफी के साथ उनके विवादित प्रेम संबंधों ने उनके करियर को बुरी तरह प्रभावित किया।


प्रतिभा का जन्म 4 जुलाई 1969 को कोलकाता में हुआ था। उनकी मां माला सिन्हा बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों में से एक थीं, जबकि उनके पिता चिदंबर प्रसाद लोहानी नेपाल के एक प्रसिद्ध अभिनेता थे। इस समृद्ध पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद, प्रतिभा का सफर आसान नहीं रहा।


उन्होंने 1992 में 'महबूब मेरे महबूब' से अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन यह फिल्म सफल नहीं रही। फिर भी, उनकी सादगी ने निर्माताओं का ध्यान खींचा।


इसी वर्ष 'कल की आवाज' के संगीत सत्रों में उनकी मुलाकात नदीम से हुई। 1993 में 'दिल है बेताब' में उन्होंने मीना का किरदार निभाया। 1996 में 'तू चोर मैं सिपाही' सफल रही, और 'राजा हिंदुस्तानी' में बंजारन नर्तकी के रूप में 'परदेसी परदेसी' गाने ने उन्हें पहचान दिलाई। 1997 में 'गुदगुदी' में नजर आईं और 2000 में 'ले चल अपने संग' उनकी अंतिम फिल्म रही।


प्रतिभा का जीवन 1993 में नदीम सैफी के साथ शुरू हुए विवादों से प्रभावित हुआ। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, जबकि नदीम पहले से विवाहित थे। माला सिन्हा ने इस रिश्ते के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और अपनी बेटी को नदीम से दूर रखने के लिए उन्हें चेन्नई में नजरबंद कर दिया।


इसके बावजूद, दोनों ने गुप्त संवाद के लिए कोड नेम का सहारा लिया। इस बीच, भागने की अफवाहों ने तूल पकड़ा, जिससे माला सिन्हा ने बालासाहेब ठाकरे से मदद मांगी। प्रतिभा को वापस मुंबई लाया गया, जहां उन्हें एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नदीम पर अपहरण और यौन शोषण के आरोप लगाने के लिए मजबूर किया गया। नदीम ने इसे पब्लिसिटी स्टंट बताया।


प्रतिभा का निजी जीवन और भी जटिल हो गया जब अगस्त 1997 में टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की हत्या हुई, जिसमें नदीम का नाम सामने आया। हालांकि, नदीम ने इन आरोपों को खारिज किया और लंदन में शरण ली। अदालतों ने बाद में नदीम के खिलाफ सबूत न मिलने की बात कही, लेकिन इस घटना ने प्रतिभा के करियर को समाप्त कर दिया।


दशकों तक लाइमलाइट से दूर रहने के बाद, अगस्त 2025 में प्रतिभा को मुंबई में एक साड़ी प्रदर्शनी में देखा गया। अब वह अपनी मां के साथ एक शांत और संतुष्ट जीवन जी रही हैं।


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