आशा भोसले को सुदर्शन पटनायक की अनोखी श्रद्धांजलि: पुरी बीच पर बनी रेत की अद्भुत मूर्ति
सुदर्शन पटनायक की श्रद्धांजलि
भुवनेश्वर, 12 अप्रैल। पद्म पुरस्कार विजेता और प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने रविवार को ओडिशा के पुरी समुद्र तट पर एक शानदार रेत की मूर्ति बनाकर दिग्गज गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस खूबसूरत रेत की मूर्ति पर एक भावुक संदेश लिखा गया है, "आशा ताई को श्रद्धांजलि—आपकी आवाज हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगी।"
20 फीट लंबी वीणा की यह भव्य रेत कलाकृति भक्ति, संगीत और सम्मान का प्रतीक है। यह मूर्ति आशा जी की गरिमा और अमर विरासत को बखूबी दर्शाती है, जो उनके अद्वितीय आकर्षण, कलात्मक प्रतिभा और आवाज के माध्यम से पीढ़ियों से संगीत प्रेमियों के साथ गहरे भावनात्मक संबंध को प्रतिबिंबित करती है। जटिल नक्काशी और भावपूर्ण डिजाइन के जरिए यह भारतीय संगीत में उनके योगदान को श्रद्धांजलि देती है।
पटनायक के रेत कला संस्थान के छात्रों ने भी इस श्रद्धांजलि को बनाने में सहयोग किया, जिससे यह और भी विशेष बन गई। आशा भोसले, जो भारत की सबसे प्रसिद्ध पार्श्व गायिकाओं में से एक हैं, ने दशकों तक अपनी बहुमुखी आवाज से हजारों गीतों को कई भाषाओं में गाया है। उनका योगदान बॉलीवुड संगीत के स्वर्ण युग को आकार देने में महत्वपूर्ण रहा है।
पटनायक ने कहा, "हम आशा जी के गाने सुनते हुए बड़े हुए हैं—उनकी आवाज हमेशा हमारे दिलों में बसी रहेगी।"
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और अन्य कई लोगों ने भी आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
सीएम माझी ने अपने फेसबुक पर लिखा, "दिग्गज गायिका आशा भोसले जी के निधन से मैं अत्यंत व्यथित हूं। उनकी बेमिसाल आवाज सिर्फ संगीत नहीं थी; यह एक ऐसी भावना थी जिसने कई पीढ़ियों को परिभाषित किया। उनके जाने से जो खालीपन आया है, वह अपूरणीय है। इस दुख की घड़ी में उनके परिवार, प्रशंसकों और संपूर्ण संगीत जगत के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। मैं महाप्रभु श्री जगन्नाथ से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।"
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