क्या नायला ग्रेवाल की फिल्में बदलेंगी महिलाओं की स्थिति? जानें उनकी सोच!
महिलाओं के मुद्दों पर जोर देती नायला ग्रेवाल
मुंबई, 13 सितंबर। 'थप्पड़' जैसी चर्चित फिल्म में अभिनय कर चुकीं नायला ग्रेवाल का मानना है कि सिनेमा को समाज से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को उठाने वाली कहानियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उनका कहना है कि महिलाओं से संबंधित मुद्दों को फिल्मों में लगातार स्थान मिलना चाहिए। नायला ने एक बातचीत में कहा कि जब फिल्में महिलाओं की जिंदगी, उनकी चुनौतियों और अधिकारों पर बात करती हैं, तो यह समाज में संवाद को जन्म देती हैं।
नायला ने आगे कहा, ''महिलाओं से जुड़े मुद्दे मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। मैं इस विषय पर जागरूक हूं और ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनना चाहती हूं जो इन मुद्दों को गहराई से दर्शाएं। पिछले कुछ वर्षों में इस तरह की फिल्मों की संख्या में कमी आई है, और अब पहले की तरह महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर पर्याप्त फिल्में नहीं बन रही हैं।''
उन्होंने 'थप्पड़' की सह-कलाकार तापसी पन्नू की भी सराहना की। नायला ने कहा, ''मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे 'थप्पड़' जैसी फिल्म में काम करने का अवसर मिला। अनुभव सिन्हा के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने घरेलू हिंसा और एक थप्पड़ के माध्यम से रिश्तों में सम्मान और समानता जैसे मुद्दों को उजागर किया। तापसी ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनकर महिलाओं के मुद्दों को सामने लाने की कोशिश की है।''
नायला ने तापसी की आगामी फिल्म 'गांधारी' का भी उल्लेख किया, जिसमें बच्चों की तस्करी जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा की गई है। उन्होंने कहा, ''मैं भी ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनना चाहती हूं जो इस सोच को आगे बढ़ाएं और लोगों को इन मुद्दों पर विचार करने के लिए प्रेरित करें।''
महिलाओं के बीच एकजुटता पर जोर देते हुए नायला ने कहा, ''महिलाओं को एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए। अगर महिलाएं ही एक-दूसरे का साथ नहीं देंगी, तो बदलाव की शुरुआत कौन करेगा? यह सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री की बात नहीं है, बल्कि समाज में महिलाओं के लिए बेहतर माहौल बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।''
उन्होंने यह भी कहा, ''महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर फिल्म बनाने से पहले केवल बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित करना सही नहीं है। ऐसी कहानियों की अहमियत उनकी कमाई से कहीं अधिक होती है। यह सवाल नहीं होना चाहिए कि फिल्म में कौन सा बड़ा पुरुष सितारा है या फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितना कमाएगी। अगर कहानी महत्वपूर्ण है, तो उसे सामने आना चाहिए।''
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