कर्नाटक में थलापति विजय की फिल्म 'जना नायकन' का विरोध: जानें क्यों हुई स्क्रीनिंग रद्द?
फिल्म 'जना नायकन' का विवादित सफर
थलापति विजय की नई फिल्म *जना नायकन* को रिलीज़ से पहले कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कर्नाटक में इस फिल्म के खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन हुए। यह विवाद कावेरी नदी के जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच चल रहे लंबे समय से विवाद के कारण उत्पन्न हुआ। हालांकि, *जना नायकन* 23 जुलाई, 2026 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई और पहले दिन अच्छी कमाई की, लेकिन कर्नाटक में कुछ कन्नड़ संगठनों ने इसका विरोध किया।
स्क्रीनिंग रद्द होने का कारण
कर्नाटक में *जना नायकन* की स्क्रीनिंग अब रद्द कर दी गई है। कन्नड़ मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, यह निर्णय मेकेदातु बांध परियोजना पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रुख के कारण लिया गया। इसके साथ ही, कई स्थानों पर फिल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए। थिएटर के बाहर कन्नड़ समूहों के सदस्यों को फिल्म के पोस्टर फाड़ते हुए देखा गया, जिसके बाद थिएटर मालिकों ने इसकी स्क्रीनिंग रोकने का निर्णय लिया।
पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था
कावेरी जल विवाद के बढ़ते तनाव के कारण *जना नायकन* की स्क्रीनिंग प्रभावित हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह फिल्म बेंगलुरु के उर्वशी सिनेमा में दिखाई जा रही थी। हालांकि, कन्नड़ समूहों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की, जिसके चलते फिल्म की स्क्रीनिंग को टाल दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने अतिरिक्त इंतज़ाम भी किए हैं। अब थिएटर में *जना नायकन* की जगह कन्नड़ फिल्म *करावलि* दिखाई जाएगी।
कावेरी जल विवाद की पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री बनने के बाद, थलापति विजय को कावेरी जल विवाद जैसी गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा है। यह मुद्दा दशकों से कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच विवाद का कारण बना हुआ है। दोनों राज्य कावेरी नदी पर अपने-अपने अधिकार का दावा करते हैं। हालांकि, नदी के पानी के बंटवारे की शर्तें पहले से तय हैं। लेकिन, कम बारिश के कारण कर्नाटक निर्धारित मात्रा से कम पानी छोड़ता है, जिससे पानी की कमी होती है। इसके अलावा, कर्नाटक सरकार मेकेदातु बांध परियोजना शुरू करने की योजना बना रही है, जबकि तमिलनाडु का मानना है कि इससे पानी का प्रवाह रुक जाएगा, जिसके चलते विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
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