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क्या है 'सरके चुनर तेरी सरके' गाने का विवाद? जानें राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्रवाई के बारे में!

फिल्म 'केडी: द डेविल' का आइटम नंबर 'सरके चुनर तेरी सरके' विवादों में घिर गया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने गाने के अश्लील लिरिक्स के चलते कार्रवाई का आदेश दिया है। गाने का हिंदी वर्जन सोशल मीडिया से हटा दिया गया है, और आयोग ने संबंधित कलाकारों को समन जारी किया है। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और क्या कदम उठाए गए हैं।
 
क्या है 'सरके चुनर तेरी सरके' गाने का विवाद? जानें राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्रवाई के बारे में!

गाने के विवाद का विस्तार


मुंबई, 19 मार्च। आगामी फिल्म 'केडी: द डेविल' का आइटम नंबर 'सरके चुनर तेरी सरके' विवादों में घिर गया है। यह विवाद अब सोशल मीडिया से लेकर संसद तक फैल चुका है। गाने का हिंदी संस्करण सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। इस बीच, राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला एवं बाल कल्याण अधिनियम, 1990 के तहत अश्लीलता और अभद्रता के आरोपों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।


आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'सरके चुनर तेरी सरके' गाने और इससे जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी है। आयोग ने कहा कि गाने की सामग्री यौन उत्तेजक और आपत्तिजनक प्रतीत होती है, जो भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और पीओसीएसओ अधिनियम का उल्लंघन करती है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, अभिनेत्री नोरा फतेही, रकीब आलम, अभिनेता संजय दत्त, वेंकट के. नारायण (निर्माता, केवीएन समूह) और निर्देशक को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए समन जारी किया गया है।


आयोग ने सभी संबंधित व्यक्तियों को 24 मार्च को दोपहर 12:30 बजे सभी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यदि कोई उपस्थित नहीं होता है, तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।


'सरके चुनर तेरी सरके' गाना अपने विवादास्पद लिरिक्स के कारण आलोचना का सामना कर रहा है। इस पर ट्रोलिंग के बीच, नोरा ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि हिंदी में गाना इतना विवादास्पद होगा, क्योंकि इसे कन्नड़ में शूट किया गया था। उन्हें हिंदी संस्करण के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।


अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस गाने का प्रचार नहीं करेंगी। इससे पहले, संसद में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि कलात्मकता और अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ऐसे गानों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और गाने को पहले ही बैन कर दिया गया है।


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