क्या है फिल्म 'एक्यूज्ड' की कहानी? प्रतिभा रांटा ने साझा की अपने किरदार की तैयारी की प्रक्रिया
फिल्म 'एक्यूज्ड' की अनोखी कहानी
मुंबई, 4 मार्च। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इन दिनों ऐसी कहानियों की मांग बढ़ रही है, जो समाज के संवेदनशील मुद्दों को ईमानदारी से उजागर करती हैं। हाल ही में प्रदर्शित हुई फिल्म 'एक्यूज्ड' ने भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कहानी पेश की है, जिसने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस फिल्म में प्रतिभा रांटा के अभिनय को विशेष सराहना मिल रही है। अपने किरदार की जटिल मानसिक स्थिति को समझने के लिए उन्होंने गहन तैयारी की, जिसके बारे में उन्होंने मीडिया से खुलकर चर्चा की।
प्रतिभा ने बताया कि इस किरदार की तैयारी उनके लिए सरल नहीं थी। उन्होंने कहा, "मैंने सबसे पहले स्क्रिप्ट को कई बार पढ़ा। बार-बार पढ़ने से मुझे किरदार की सोच और भावनाओं को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिली। जब तक एक कलाकार अपने किरदार को गहराई से नहीं समझता, तब तक उसका अभिनय अधूरा रहता है, इसलिए मैंने रीडिंग सेशंस को अपनी तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।"
प्रतिभा ने आगे कहा, "फिल्म की निर्देशक अनुभूति कश्यप और सह-कलाकार कोंकणा सेन शर्मा के साथ कई वर्कशॉप्स में भाग लिया। इन वर्कशॉप्स में हमने विशेष दृश्यों पर विस्तार से चर्चा की। जब हम तीनों मिलकर किसी सीन की बारीकियों पर बात करते थे, तो उस सीन से जुड़े सवाल स्पष्ट हो जाते थे। इससे मुझे यह समझने में मदद मिली कि कैमरे के सामने जाने से पहले मुझे किस मानसिक स्थिति में रहना है और सीन को किस दिशा में ले जाना है।"
उन्होंने कहा, "शूटिंग के दौरान माहौल बहुत सहज था। सेट पर पहुंचने के बाद कई बार कलाकार सीन में नए प्रयोग भी करते हैं। जब आप किरदार की भावनाओं में पूरी तरह डूब जाते हैं, तो कई चीजें अपने आप सामने आने लगती हैं। कभी-कभी इम्प्रोवाइजेशन से सीन और भी प्रभावी बन जाता है। इस फिल्म में ऐसा कई बार हुआ, जब सीन इतने वास्तविक लगे जैसे वे किसी की असली जिंदगी का हिस्सा हों।"
फिल्म 'एक्यूज्ड' की कहानी एक ऐसी महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जिस पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया जाता है। यह विषय अत्यंत संवेदनशील है और समाज में कई बहसों को जन्म देता है। फिल्म आरोप, सच और भावनाओं के टकराव को गंभीरता से प्रस्तुत करती है। इसमें कोंकणा सेन शर्मा और प्रतिभा रांटा मुख्य भूमिकाओं में हैं।
प्रतिभा ने कहा, "मेरे लिए यह किरदार इसलिए खास था क्योंकि इसमें भावनाओं की कई परतें थीं। कभी वह मजबूत दिखती है तो कभी टूटती हुई नजर आती है। इस तरह के किरदार को निभाने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना जरूरी होता है। रीडिंग और वर्कशॉप्स ने मुझे अपने रोल की परतों को समझने में सबसे ज्यादा मदद की।"
'एक्यूज्ड' ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है।
.png)