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अमिताभ बच्चन की किस्मत बदलने वाली फिल्म 'जंजीर' की कहानी

फिल्म 'जंजीर' ने अमिताभ बच्चन की किस्मत को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस लेख में जानें कि कैसे इस फिल्म ने उन्हें बॉलीवुड का महानायक बना दिया। जानिए फिल्म के निर्माण के पीछे की कहानी और किन अभिनेताओं ने इसे ठुकराया। यह कहानी न केवल अमिताभ की सफलता की है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक फिल्म किसी की जिंदगी को बदल सकती है।
 
अमिताभ बच्चन की किस्मत बदलने वाली फिल्म 'जंजीर' की कहानी

बॉलीवुड में फिल्में ठुकराने का चलन

बॉलीवुड के सितारों के लिए फिल्मों को ठुकराना कोई असामान्य बात नहीं है। जब एक अभिनेता को स्टारडम मिल जाता है, तो वह अक्सर अपनी पसंद के रोल और स्क्रिप्ट की मांग करते हैं। कभी-कभी, डेट्स की कमी के कारण भी उन्हें फिल्में छोड़नी पड़ती हैं। ऐसी ही एक फिल्म थी, जो 1973 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि एक फ्लॉप अभिनेता की किस्मत भी बदल दी। इस फिल्म के बाद वह अभिनेता बॉलीवुड का महानायक बन गया।


फिल्म का नाम और अमिताभ बच्चन

जिस अभिनेता की बात हो रही है, वह कोई और नहीं बल्कि अमिताभ बच्चन हैं। उन्होंने 'सात हिंदुस्तानी' से बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन उनका डेब्यू असफल रहा। इसके बाद आई उनकी कई फिल्में भी फ्लॉप रहीं। इस कारण उन्हें फिल्मों में लेना बंद कर दिया गया। फिर 11 मई, 1973 को 'जंजीर' फिल्म ने उनकी किस्मत को बदल दिया।


जंजीर का निर्माण और ठुकराए गए अभिनेता

फिल्म 'जंजीर' का निर्देशन प्रकाश मेहरा ने किया था, जबकि इसकी कहानी सलीम-जावेद ने लिखी थी। पहले इस फिल्म के लिए देव आनंद को संपर्क किया गया, लेकिन गानों की कमी के कारण उन्होंने इसे ठुकरा दिया। इसके बाद धमेंद्र, राजकुमार, राजेश खन्ना और मुमताज ने भी इस फिल्म को अस्वीकार कर दिया। अंततः अमिताभ बच्चन को यह फिल्म ऑफर की गई और जया बच्चन को अभिनेत्री के रूप में साइन किया गया। इस फिल्म ने न केवल 'जंजीर' को सुपरहिट बनाया, बल्कि अमिताभ बच्चन की किस्मत भी बदल दी।


फिल्म का एक दृश्य


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