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भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह और अन्य के खिलाफ वाराणसी में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। व्यवसायी विशाल सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें फिल्म 'बॉस' में निवेश के नाम पर धोखा दिया गया और जब उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पवन सिंह का बयान जल्द ही दर्ज किया जाएगा। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
 

पवन सिंह और अन्य के खिलाफ एफआईआर

भोजपुरी फिल्म उद्योग के अभिनेता और गायक पवन सिंह के खिलाफ वाराणसी के कैंट थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई अदालत के निर्देश पर की गई है। 19 अगस्त को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने होटल व्यवसायी विशाल सिंह की शिकायत पर पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश दिया था, और 14 दिन बाद यह मामला दर्ज किया गया।


विशाल सिंह ने पवन सिंह, प्रेमशंकर राय और उनकी पत्नी सीमा राय सहित चार व्यक्तियों पर डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बैंक खातों तथा फिल्म से संबंधित फंडिंग की जांच कर रही है। पवन सिंह का बयान जल्द ही दर्ज किया जाएगा।


व्यापारी की शिकायत और धोखाधड़ी का आरोप

वाराणसी के कैंट थाने के प्रभारी शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि अदालत के आदेश पर यह मामला बुधवार को दर्ज किया गया। व्यवसायी विशाल सिंह के वकील आशीष सिंह ने कहा कि 2018 में रिलीज हुई फिल्म 'बॉस' में निवेश के नाम पर उनके मुवक्किल के साथ धोखाधड़ी की गई।


उन्होंने बताया कि 2017 में विशाल की मुंबई में फिल्म निर्देशक प्रेम शंकर राय से मुलाकात हुई थी, जिसके बाद फिल्म निर्माण के सिलसिले में कई लोगों से उनकी बातचीत हुई। इस दौरान विशाल से फिल्म के निर्माण में निवेश करने का आग्रह किया गया और बदले में मुनाफे में हिस्सा देने का वादा किया गया। आशीष ने कहा कि इस दौरान विशाल की पवन सिंह के साथ भी बैठक कराई गई थी.


विशाल का निवेश और वादे का उल्लंघन

विशाल ने झांसे में आकर अपनी और अपने भाई की कंपनी से लगभग 32.60 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा कराए। वकील ने कहा कि जुलाई 2018 में विशाल को फिल्म का निर्माता घोषित करके 50 प्रतिशत मुनाफा देने का वादा किया गया, जिसके बाद उन्होंने फिल्म के निर्माण में 1.25 करोड़ रुपये और लगाए।


हालांकि, बाद में फिल्म सफल होने पर निवेशक को उसका मुनाफा नहीं दिया गया। विशाल का आरोप है कि जब उन्होंने अपना हिस्सा मांगा, तो पवन सिंह ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने इस मामले में कैंट थाने और पुलिस आयुक्त से शिकायत की। पुलिस की कार्रवाई न होने पर उन्होंने अदालत का रुख किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए कैंट पुलिस को पवन सिंह समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का आदेश दिया।


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