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जुबीन गर्ग की रहस्यमय मौत: क्या है सच? एसआईटी ने पत्नी को सौंपी पोस्टमार्टम रिपोर्ट

जुबीन गर्ग की रहस्यमय मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। एसआईटी ने उनकी पत्नी गरिमा को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपी है, जो मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जुबीन की मौत को लेकर कई संदिग्ध तथ्य सामने आए हैं, और परिवार ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया है। अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, और पुलिस जांच में जुटी है। क्या जुबीन की मौत के पीछे कोई बड़ा राज है? जानें पूरी कहानी।
 
जुबीन गर्ग की रहस्यमय मौत: क्या है सच? एसआईटी ने पत्नी को सौंपी पोस्टमार्टम रिपोर्ट

जुबीन गर्ग की मौत की जांच में नया मोड़


गुवाहाटी, 4 अक्टूबर। प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की असामयिक मृत्यु के मामले में जांच की गति तेज हो गई है। इस संदर्भ में, विशेष जांच दल (एसआईटी) की अधिकारी मोरोमी दास ने शुक्रवार को जुबीन की पत्नी गरिमा गर्ग को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपी। यह रिपोर्ट जुबीन के गुवाहाटी स्थित निवास पर प्रदान की गई, और इसे मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब पुलिस और परिवार के पास कुछ ठोस मेडिकल तथ्य मौजूद हैं।


जुबीन गर्ग की 19 सितंबर को सिंगापुर में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हुई थी। प्रारंभ में इसे स्कूबा डाइविंग के दौरान एक दुर्घटना के रूप में देखा गया, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कई संदिग्ध तथ्य सामने आए। जुबीन की पत्नी, परिवार और कुछ दोस्तों ने इस घटना पर संदेह व्यक्त किया और इसे एक सुनियोजित साजिश बताया। इसके बाद असम पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी और सीआईडी की संयुक्त टीम का गठन किया।


अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें जुबीन के लंबे समय के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा, नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत, और जुबीन के बैंड के दो अन्य सदस्य, संगीतकार शेखर गोस्वामी और गायक अमृत प्रीतम शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन चारों से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके पास से कुछ महत्वपूर्ण सबूत भी मिले हैं। वीडियो फुटेज, फोन रिकॉर्डिंग और बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।


अमृत प्रीतम ने जिस मोबाइल फोन से घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया था, उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, शेखर गोस्वामी को घटना के समय जुबीन के निकट तैरते हुए देखा गया था, जिससे उनकी भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।


जांच में यह भी सामने आया है कि जुबीन गर्ग एक कुशल तैराक थे और उन्होंने अपने साथियों को तैराकी सिखाई थी। ऐसे में उनका डूबना और पानी में दम घुटने से मरना स्वाभाविक नहीं माना जा रहा। जुबीन की पत्नी गरिमा गर्ग का कहना है कि उनके पति बहुत थके हुए थे और संभवतः उन्हें जबरन स्कूबा डाइविंग के लिए ले जाया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब जुबीन की तबीयत खराब हुई, तब उनके साथ मौजूद लोगों ने समय पर मदद क्यों नहीं की।


पुलिस ने जुबीन के शव का दो बार पोस्टमार्टम कराया, पहली बार सिंगापुर में और फिर गुवाहाटी में। सिंगापुर की रिपोर्ट पहले ही भारतीय उच्चायोग को सौंप दी गई थी, और अब गुवाहाटी में हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट गरिमा गर्ग को सौंपी गई है। इसके अलावा, जुबीन के शरीर से लिए गए विसरा सैंपल को दिल्ली की सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब (सीएफएसएल) भेजा गया है, जहां से रिपोर्ट आना अभी बाकी है। यह रिपोर्ट यह स्पष्ट करेगी कि जुबीन के शरीर में किसी प्रकार का जहर या नशीला पदार्थ था या नहीं।


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