क्या भारत में OTT प्लेटफॉर्म्स पर बैन का नया दौर शुरू? जानें पूरी कहानी!
केंद्र सरकार का सख्त कदम
केंद्र सरकार ने एक बार फिर ऑनलाइन स्ट्रीमिंग सेवाओं के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पांच OTT प्लेटफॉर्म्स को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है, जो अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री का प्रसारण कर रहे थे। यह निर्णय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नैतिक और कानूनी मानकों को लागू करने के उद्देश्य से लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि उल्लंघन जारी रहा, तो और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अश्लील सामग्री का प्रसारण
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, ये प्लेटफॉर्म ऐसी फिल्में और वेब सीरीज दिखा रहे थे जिनमें नग्नता के लंबे दृश्य, स्पष्ट यौन दृश्य और बिना किसी कहानी या सामाजिक संदेश के केवल अश्लील सामग्री शामिल थी। इन प्लेटफॉर्म्स के नाम MoodXVIP, Koyal Playpro, Digi Movieplex, Feel और Jugnu हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सामग्री सार्वजनिक शिष्टता का उल्लंघन करती है और भारतीय कानूनों के खिलाफ है।
कार्रवाई का आधार
यह बैन सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के सेक्शन 69A के तहत लगाया गया है, जो सरकार को इंटरनेट पर किसी भी सामग्री को ब्लॉक करने का अधिकार देता है, विशेषकर जब यह सार्वजनिक नैतिकता, राष्ट्रीय सुरक्षा या शिष्टता को खतरे में डालता है। डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड रूल्स 2021 का भी उल्लेख किया गया है। सरकार ने सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिया है कि ये प्लेटफॉर्म अब किसी भी डिवाइस पर उपलब्ध न हों, चाहे वह जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया या कोई अन्य कंपनी हो।
पिछले प्रयासों की अनदेखी
मंत्रालय ने सितंबर 2024 में इन प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किए थे। कई प्लेटफॉर्म्स ने इस नोटिस का जवाब नहीं दिया, और कुछ ने अपने नाम या डोमेन नाम बदलकर वही अश्लील सामग्री प्रसारित करना जारी रखा। मार्च 2024 में भी इसी तरह की पांच वेबसाइटों और ऐप्स को ब्लॉक किया गया था, लेकिन वे नए नामों से वापस आ गए। फरवरी 2025 में, सभी OTT प्लेटफॉर्म्स को कोड ऑफ एथिक्स का पालन करने की याद दिलाई गई, लेकिन कुछ प्लेटफॉर्म्स में सुधार नहीं हुआ।
सरकार की सख्ती
जुलाई 2025 में, सरकार ने ALTBalaji, ULLU, बिग शॉट्स ऐप, देसीफ्लिक्स, बूमेक्स, नवरसा लाइट और गुलाब ऐप सहित 25 OTT ऐप्स और वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दिया था। शिकायत थी कि इन प्लेटफॉर्म्स पर फालतू यौन इशारे, नग्नता और अश्लील सामग्री थी। सरकार का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नैतिकता और शालीनता के मानकों को बनाए रखना और बच्चों, महिलाओं और समाज के हितों की रक्षा करना है। अधिकारियों का कहना है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद, ये प्लेटफॉर्म्स नोटिस को नजरअंदाज कर रहे थे और सामग्री प्रसारित करने के लिए नए तरीके अपना रहे थे। अब, यह रास्ता भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
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