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सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज: कश्मीर की पहली महिला प्लेबैक सिंगर की प्रेरणादायक कहानी

सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज, पद्मश्री पुरस्कार विजेता राज बेगम की जिंदगी पर आधारित एक प्रेरणादायक फिल्म है, जो 29 अगस्त को प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। यह फिल्म कश्मीर की पहली महिला प्लेबैक सिंगर की कहानी को उजागर करती है, जिन्होंने न केवल अपने क्षेत्र की महिलाओं को प्रेरित किया, बल्कि संगीत उद्योग में भी एक नई दिशा दी। जानें इस फिल्म में शामिल अद्भुत कास्ट और इसकी कहानी के बारे में।
 

सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज का ओटीटी प्रीमियर

सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज का ओटीटी प्रीमियर: पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित राज बेगम की जीवन पर आधारित यह फिल्म 29 अगस्त को भारत और 200 से अधिक देशों में केवल प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत और एप्पल ट्री पिक्चर्स तथा रेनज़ू फिल्म्स के सहयोग से निर्मित, यह कहानी कश्मीर की पहली प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर पर केंद्रित है, जिन्होंने न केवल स्थानीय महिलाओं को प्रेरित किया बल्कि संगीत उद्योग में एक नई दिशा भी दी।


सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज की अद्भुत कास्ट

सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज की अद्भुत कास्ट


इस फिल्म का निर्देशन दानिश रेनज़ू ने किया है, जबकि इसकी पटकथा निरंजन अयंगर और सुनयना काचरू ने लिखी है। इसमें सबा आज़ाद और सोनी राज़दान मुख्य भूमिका में नूर बेगम के रूप में दो अलग-अलग समय में नजर आएंगी। इसके अलावा, ज़ैन खान दुर्रानी, शीबा चड्ढा, तारुक रैना और लिलेट दुबे भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म कश्मीर की समृद्ध संगीत परंपरा को दर्शाती है और हिम्मत, पहचान और साहस की कहानी बुनती है।


नूर बेगम के जीवन की कहानी

नूर बेगम के जीवन की कहानी


एक्सेल एंटरटेनमेंट के रितेश सिधवानी ने कहा, “सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज एक ऐसी कहानी है जो कश्मीर की संस्कृति, भावनाओं और उम्मीदों को उजागर करती है। यह फिल्म पद्म श्री विजेता नूर बेगम के जीवन के पन्नों को खूबसूरती से खोलती है, जिनकी आवाज ने न केवल कश्मीर को गर्व महसूस कराया बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित किया। हमें दानिश रेनज़ू के साथ मिलकर इस खास और दमदार कहानी को प्राइम वीडियो के माध्यम से पेश करने की खुशी है।”


राज बेगम का योगदान

राज बेगम का योगदान


फिल्म के निर्देशक दानिश रेनज़ू ने कहा, “सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज की मुख्य नायिका पद्मश्री विजेता राज बेगम रेडियो कश्मीर की पहली महिला आवाज़ थीं। यह एक ऐसी महिला की कहानी है जिसने सपने देखने की हिम्मत की, जबकि उस समय सपने देखना भी एक तरह से मना था। सबा आज़ाद और सोनी राज़दान ने इस खास कहानी में मुख्य किरदार को दो अलग-अलग उम्र में बहुत खूबसूरती से निभाया है। प्राइम वीडियो की वजह से अब दुनिया भर के दर्शक उनकी कहानी देख पाएंगे, एक ऐसी कहानी जो सम्मान की हकदार है।”


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