Movie prime

सुनील शेट्टी का क्रिकेट से फिल्मी सफर: जानें कैसे बदली उनकी जिंदगी

सुनील शेट्टी का जीवन एक प्रेरणादायक कहानी है, जिसमें क्रिकेट से लेकर बॉलीवुड तक का सफर शामिल है। जानें कैसे उन्होंने विवियन रिचर्ड्स से प्रेरणा लेकर अपने शरीर को मजबूत बनाया और मार्शल आर्ट्स की ओर बढ़े। उनके करियर की शुरुआत 'बलवान' से हुई और उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया। इस लेख में उनके जीवन के अनकहे पहलुओं और करियर की ऊचाइयों के बारे में जानें।
 

सुनील शेट्टी का प्रारंभिक जीवन और क्रिकेट का जुनून




मुंबई, 10 अगस्त। 90 के दशक में जब अभिनेता सुनील शेट्टी ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा, तो उनके मस्कुलर फिजिक, गहरी आवाज और एक्शन के अंदाज ने दर्शकों का ध्यान खींचा। लेकिन उनके जीवन का एक ऐसा पहलू है, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं। अभिनय उनके लिए पहला जुनून नहीं था। बचपन में उनका झुकाव क्रिकेट की ओर था और वह इस खेल को लेकर काफी गंभीर थे। लेकिन किस्मत ने उन्हें बॉलीवुड की ओर मोड़ दिया।


सुनील शेट्टी का जन्म 11 अगस्त 1961 को कर्नाटक के मुल्की में हुआ। उनका परिवार बाद में मुंबई आ गया, जहां उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। उनका बचपन साधारण माहौल में गुजरा। उस समय क्रिकेट भारत में युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय था। उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया और इसे गंभीरता से लेने लगे। इसी दौरान उन्होंने अपने शरीर को मजबूत बनाने पर भी ध्यान देना शुरू किया।


एक इंटरव्यू में सुनील ने बताया कि जब वह लगभग 14 साल के थे, तब उन्होंने वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज विवियन रिचर्ड्स को देखा। रिचर्ड्स के मजबूत हाथ और कंधों ने उन्हें बहुत प्रभावित किया। उन्होंने पूछा कि ऐसे मजबूत कंधे और शरीर कैसे बनाए जा सकते हैं। उन्हें बताया गया कि इसके लिए वेट ट्रेनिंग करनी चाहिए। इसके बाद सुनील ने वेट ट्रेनिंग शुरू कर दी। उस समय शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि यह आदत आगे चलकर उनकी पहचान का एक बड़ा हिस्सा बन जाएगी।


सुनील ने मुंबई के अंडर-16 क्रिकेट सेटअप में भी खेला था, जहां वह रवि शास्त्री के साथ खेले। क्रिकेट में उनका सपना आगे बढ़ रहा था, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि टीम में जगह बनाना आसान नहीं होगा। उन्होंने महसूस किया कि केवल खेल के दम पर आगे बढ़ना उनके लिए कठिन था। इसलिए उन्होंने क्रिकेट की जगह मार्शल आर्ट्स और फिटनेस पर ध्यान देना शुरू किया।


मार्शल आर्ट्स ने उनकी जिंदगी को एक नई दिशा दी। उनके शरीर में मजबूती आई और आत्मविश्वास बढ़ा। इसी दौरान उनका झुकाव बिजनेस की ओर भी हुआ। हालांकि, किस्मत ने उन्हें फिल्मों में काम करने का मौका दिया और 1992 में 'बलवान' से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में उनके एक्शन और मजबूत शरीर ने दर्शकों को आकर्षित किया। इसके बाद उन्होंने 'वक्त हमारा है', 'मोहरा', 'दिलवाले', 'अंत', 'कृष्णा' और 'गोपी किशन' जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया।


सुनील शेट्टी ने अपने करियर में केवल एक्शन फिल्मों तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने कॉमेडी, रोमांस और गंभीर भूमिकाओं में भी काम किया। 'हेरा फेरी' में श्याम का किरदार उनके करियर के सबसे यादगार किरदारों में से एक है। अक्षय कुमार और परेश रावल के साथ उनकी तिकड़ी दर्शकों को बहुत पसंद आई। इसके अलावा 'धड़कन', 'मैं हूं ना' और 'फिर हेरा फेरी' जैसी फिल्मों ने भी उनके करियर को नई ऊचाइयां दी। समय के साथ उन्होंने फिल्मों के अलावा बिजनेस में भी अपनी पहचान बनाई।


अभिनय के क्षेत्र में उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान मिले हैं। फिल्म 'धड़कन' में उनके अभिनय के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। वह लंबे समय से बॉलीवुड में सक्रिय हैं और विभिन्न प्रकार की फिल्मों का हिस्सा बन रहे हैं। हाल ही में उन्हें 'वेलकम टू द जंगल' में देखा गया।


OTT