सिंधी समुदाय की अनकही दास्तान: इंद्रजीत लंकेश की नई फिल्म 'जय हिंद जय सिंध अ लव स्टोरी'
सिंधी समुदाय की कहानी को पर्दे पर लाने की कोशिश
मुंबई, 15 अगस्त। भारत और पाकिस्तान के विभाजन के बाद, कई लोग अपने घरों से दूर हो गए। सिंधी समुदाय ने इस दर्द को कई पीढ़ियों तक सहा है, लेकिन उनकी कहानी अब तक फिल्मी पर्दे पर नहीं आई। इस कमी को पूरा करने के लिए प्रसिद्ध निर्देशक इंद्रजीत लंकेश एक नई फिल्म 'जय हिंद जय सिंध अ लव स्टोरी' लेकर आ रहे हैं।
इंद्रजीत ने एक बातचीत में बताया कि उन्होंने इस फिल्म को इस तरह से तैयार किया है कि आज की युवा पीढ़ी भी इससे जुड़ सके। उनका मानना है कि जब कोई व्यक्ति अपनी पहचान और विरासत के लिए संघर्ष करता है, तो यह एक गहरा और संवेदनशील विषय बन जाता है। यही इस फिल्म की कहानी का आधार है।
उन्होंने कहा, "हमें एक साथ मिलकर रहना चाहिए और आपसी प्रेम को बनाए रखना चाहिए। हमें ऐसे पड़ोसियों की तरह नहीं बनना चाहिए जो धर्म या स्वार्थ के लिए लड़ते रहें। भारत एक विविधता से भरा देश है, जहां विभिन्न संस्कृतियां और भाषाएं हैं। इसके बावजूद, हम एकजुट होकर रहते हैं। यही भारत की असली पहचान है, और यही संदेश हम युवा पीढ़ी तक पहुंचाना चाहते हैं।"
जब इंद्रजीत से पूछा गया कि क्या सोशल मीडिया के कारण दर्शकों की राय में बदलाव आया है, तो उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा नहीं लगता। सोशल मीडिया आज की युवा पीढ़ी के लिए एक बेहतरीन मंच है। इसकी खासियत यह है कि अब मीडिया की शक्ति आम लोगों के हाथ में है।"
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में लेखन और पत्रकारिता से जुड़े होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "एक पत्रकार के रूप में मैंने इस बदलाव को पहले ही महसूस किया था। पहले पत्रकारिता की आवाज केवल कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित थी, लेकिन अब यह हर किसी तक पहुंच गई है।"
इंद्रजीत ने यह भी स्वीकार किया कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल भी होता है, जिससे गलत जानकारी फैलती है। उन्होंने कहा, "एक पत्रकार और फिल्म निर्माता के रूप में, मैं इस बदलाव का स्वागत करता हूं। यह लोगों को अपनी बात रखने और अपनी राय व्यक्त करने की स्वतंत्रता देता है। आज, गांव में बैठा कोई भी व्यक्ति अपनी आवाज को दुनिया तक पहुंचा सकता है। यही असली अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है।"
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