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शाहिद कपूर का 45वां जन्मदिन: संघर्ष से सफलता तक का सफर

आज, 25 फरवरी को, अभिनेता शाहिद कपूर अपने 45वें जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं। इस अवसर पर, हम उनके जीवन की कुछ दिलचस्प बातें साझा कर रहे हैं। शाहिद ने अपने करियर की शुरुआत बैकग्राउंड डांसर के रूप में की और बाद में कई सफल फिल्मों में काम किया। उनके संघर्ष और मेहनत ने उन्हें इंडस्ट्री में एक सफल अभिनेता बना दिया। जानें उनके परिवार, प्रारंभिक जीवन, और कैसे उन्होंने अपने करियर में विभिन्न भूमिकाएं निभाई।
 
शाहिद कपूर का 45वां जन्मदिन: संघर्ष से सफलता तक का सफर

जन्मदिन की शुभकामनाएं

आज, 25 फरवरी को, अभिनेता शाहिद कपूर अपने 45वें जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं। उनके माता-पिता फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं, लेकिन शाहिद को अपने करियर में सफलता पाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। अपने शुरुआती दिनों में, उन्हें ऑडिशन के लिए जाने के लिए दोस्तों से कपड़े उधार लेने पड़ते थे। अब, शाहिद कपूर को बॉलीवुड के सफल सितारों में गिना जाता है। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें जानते हैं...


परिवार और प्रारंभिक जीवन

शाहिद कपूर का जन्म 25 फरवरी 1981 को दिल्ली में हुआ। उनके पिता, पंकज कपूर, एक अभिनेता हैं, और उनकी मां, नीलिमा अजीम, भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी हैं। शाहिद ने कई सफल फिल्मों में काम किया है, लेकिन उनकी सफलता की कहानी केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपनी मेहनत और संघर्ष के बल पर खुद को एक सफल अभिनेता के रूप में स्थापित किया।


डांसिंग करियर की शुरुआत

शाहिद कपूर ने 15 साल की उम्र में डांस में रुचि दिखाई और शामक डावर के संस्थान में दाखिला लिया। यहां उन्होंने न केवल डांस सीखा, बल्कि अपने अभिनय करियर की दिशा में भी कदम बढ़ाया। उनका सफर बैकग्राउंड डांसर के रूप में शुरू हुआ, जहां उन्होंने 'दिल तो पागल है' और 'ताल' जैसी फिल्मों में काम किया। इसके अलावा, उन्होंने स्टेज शो भी किए, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा।


विज्ञापनों में काम

बॉलीवुड में नाम कमाने से पहले, शाहिद कपूर ने टीवी विज्ञापनों में काम करके अपनी पहचान बनाई। उन्होंने कई ब्रांड्स के विज्ञापनों में नजर आए और म्यूजिक वीडियो में भी अभिनय किया। कुमार सानू के म्यूजिक वीडियो 'आंखों में' में काम करना उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जिसके बाद उन्हें निर्माता रमेश तौरानी से फिल्म में काम करने का प्रस्ताव मिला।


सहायक निर्देशक के रूप में अनुभव

फिल्मों में आने से पहले, शाहिद कपूर ने अपने पिता के साथ सहायक निर्देशक के रूप में काम किया। उन्होंने 1998 में 'मोहनदास' नामक टेलीविजन शो में अपने पिता के असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया। यह अनुभव उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इससे उन्होंने फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को करीब से समझा।


पहली फिल्म से मिली पहचान

शाहिद कपूर ने 2003 में फिल्म 'इश्क विश्क' से अपने करियर की शुरुआत की। यह एक रोमांटिक कॉमेडी थी, जिसमें उन्होंने कॉलेज के छात्र का किरदार निभाया। यह फिल्म एक स्लीपर हिट साबित हुई और इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। इस फिल्म ने शाहिद को दर्शकों के दिलों में एक खास जगह दिलाई।


विविध भूमिकाएं

शाहिद कपूर के अभिनय करियर में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। उन्होंने विभिन्न प्रकार की भूमिकाएं निभाई हैं, जिससे उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। किसी फिल्म में उन्होंने शर्मीले युवक का किरदार निभाया, तो किसी में गुस्सैल प्रेमी बनकर दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।


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