महाप्रभु जगन्नाथ फिल्म की रिलीज पर रोक: रथ यात्रा खत्म होने के बाद ही होगी स्क्रीनिंग
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
नई दिल्ली, 17 जुलाई। भगवान जगन्नाथ की जीवन यात्रा और धार्मिक परंपराओं पर आधारित एनिमेटेड फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' के निर्माताओं को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने फिल्म को 17 जुलाई को रिलीज करने की अनुमति देने से मना कर दिया है, यह कहते हुए कि पुरी में चल रही रथ यात्रा 27 जुलाई को समाप्त होगी, और उसके बाद ही फिल्म का प्रदर्शन किया जा सकेगा।
निर्माताओं की चुनौती
निर्माताओं ने ओडिशा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी। पहले यह फिल्म 17 जुलाई को सिनेमाघरों में आने वाली थी, लेकिन अब इसकी रिलीज रथ यात्रा के बाद ही संभव है।
फिल्म की तैयारी
सुनवाई के दौरान, निर्माताओं के वकील देवदत्त कामत ने अदालत को बताया कि फिल्म की रिलीज के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस फिल्म पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं और देशभर में सिनेमाघरों की बुकिंग भी हो चुकी है। फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से भी मंजूरी मिल चुकी है।
फिल्म का उद्देश्य
निर्माताओं के वकील ने तर्क दिया कि 'महाप्रभु जगन्नाथ' एक बच्चों के लिए बनाई गई एनिमेटेड फिल्म है, जिसका उद्देश्य भगवान जगन्नाथ की परंपराओं और सांस्कृतिक महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जैसे अन्य धार्मिक विषयों पर एनिमेशन फिल्में बनाई गई हैं, यह फिल्म भी उसी दिशा में है।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल रिलीज की मांग को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि रथ यात्रा के दौरान फिल्म की रिलीज पर उठी आपत्तियों को ध्यान में रखना आवश्यक है। रथ यात्रा समाप्त होने के बाद ही फिल्म को रिलीज किया जा सकता है।
विवाद की शुरुआत
इस विवाद की शुरुआत फिल्म के टीजर 'जय जगन्नाथ' के रिलीज के बाद हुई थी। कुछ धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने फिल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई थी, यह आरोप लगाते हुए कि फिल्म में भगवान जगन्नाथ के स्वरूप और परंपराओं को सही तरीके से नहीं दर्शाया गया है।
ओडिशा हाईकोर्ट में याचिका
इसके बाद मामला ओडिशा हाईकोर्ट पहुंचा, जहां एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि फिल्म में दिखाए गए कुछ दृश्य और संवाद धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप नहीं हैं और इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो सकती हैं।
स्क्रीनिंग और सुझाव
ओडिशा हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी। विवाद के बाद फिल्म की स्क्रीनिंग पुरी के गजपति महाराजा और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के सामने भी की गई थी, जहां कुछ बदलावों के सुझाव दिए गए थे। हालांकि, याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि आवश्यक बदलावों के बिना ही फिल्म को रिलीज करने की तैयारी की जा रही है।
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