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दिल्ली हाई कोर्ट ने 'धुरंधर: द रिवेंज' के OTT रिलीज पर रोक लगाने की याचिका खारिज की

दिल्ली हाई कोर्ट ने 'धुरंधर: द रिवेंज' के OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज को रोकने की याचिका को खारिज कर दिया है। यह फैसला उस समय आया जब फिल्म निर्माताओं को उनके गाने 'रंग दे लाल' के उपयोग को लेकर कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ा। ट्रिमूर्ति फिल्म्स ने जियो स्टूडियोज और आदित्य धर की बी26 स्टूडियोज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी। कोर्ट ने ट्रिमूर्ति फिल्म्स को अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए सुपर कैसट्स इंडस्ट्रीज को 50 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और कोर्ट के ताजा फैसले के बारे में।
 
दिल्ली हाई कोर्ट ने 'धुरंधर: द रिवेंज' के OTT रिलीज पर रोक लगाने की याचिका खारिज की

दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला

दिल्ली हाई कोर्ट ने 'धुरंधर: द रिवेंज' के OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज को रोकने की याचिका को खारिज कर दिया है। यह निर्णय उस समय आया जब फिल्म निर्माताओं को उनके गाने 'रंग दे लाल' को लेकर कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस गाने का एक नया संस्करण 'तिरछी टोपीवाले' से लिया गया है, जो 1989 की फिल्म 'त्रिदेव' का हिस्सा है। ट्रिमूर्ति फिल्म्स के निर्देशक राजीव राय ने जियो स्टूडियोज और आदित्य धर की बी26 स्टूडियोज के खिलाफ "अनधिकृत उपयोग" के लिए कानूनी कार्रवाई की थी। कोर्ट ने ट्रिमूर्ति फिल्म्स को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है, लेकिन सुपर कैसट्स इंडस्ट्रीज को 50 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया है ताकि वादकर्ता का दावा सुरक्षित रहे।


ओये ओये विवाद का क्या है?

'तिरछी टोपीवाले' (ओये ओये) गाना मूल रूप से त्रिदेव में था, जिसे आनंद-मिलिंद ने संगीतबद्ध किया था। इसके बोल समीर आंजान ने लिखे थे और इसे अमित कुमार और सपना मुखर्जी ने गाया था। ट्रिमूर्ति फिल्म्स का दावा है कि उनके पास इस संगीत रचना और ध्वनि रिकॉर्डिंग से संबंधित अधिकार हैं।

ट्रिमूर्ति फिल्म्स ने तर्क किया कि उनका 1988 का समझौता टी-सीरीज के साथ केवल सीमित ऑडियो उपयोग अधिकारों को शामिल करता है, जिसमें कैसेट और ग्रामोफोन रिकॉर्ड का उत्पादन और बिक्री शामिल है। कंपनी का कहना है कि इस समझौते में गाने का उपयोग किसी नई फीचर फिल्म में या दृश्य मीडिया के साथ समन्वय में करने की अनुमति नहीं थी।


ट्रिमूर्ति फिल्म्स का दावा

कंपनी ने आरोप लगाया कि गाने का उपयोग बिना उचित अनुमति के किया गया, जो कि कॉपीराइट उल्लंघन के तहत आता है। उन्होंने गाने के आगे के उपयोग को रोकने के लिए तात्कालिक कानूनी कार्रवाई की मांग की है, साथ ही मुआवजे और अन्य उपायों की भी मांग की है। ट्रिमूर्ति फिल्म्स ने कोर्ट से अनुरोध किया कि गाने के थिएटर, OTT रिलीज और अन्य डिजिटल प्लेटफार्मों पर उपयोग पर अंतरिम रोक लगाई जाए। राजीव राय ने धुरंधर टीम पर "चोरी" का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता के प्रयासों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका, जिसके परिणामस्वरूप यह ताजा फैसला आया।


दिल्ली हाई कोर्ट का ताजा फैसला

14 मई को एक रिपोर्ट में बताया गया कि दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रिमूर्ति फिल्म्स को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। न्यायाधीश तुषार राव गेडेला ने कहा कि यदि कॉपीराइट उल्लंघन साबित होता है, तो वादकर्ता को बाद में मुआवजे के रूप में धनराशि मिल सकती है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि फिल्म की OTT रिलीज को रोकना, जब इसे पहले ही थियेटर में रिलीज किया जा चुका है, एक असंगत स्थिति पैदा कर सकता है।


कोर्ट का 50 लाख रुपये जमा करने का निर्देश

फिल्म या विवादित गाने के उपयोग को निलंबित करने से इनकार करते हुए, कोर्ट ने सुपर कैसट्स इंडस्ट्रीज को चार सप्ताह के भीतर 50 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया। यह राशि रजिस्ट्रार जनरल के पास ब्याज-bearing फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी जाएगी जब तक कि कॉपीराइट विवाद का समाधान नहीं हो जाता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राशि अंततः उस पक्ष को दी जाएगी जो मामले में जीतता है।


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