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दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव: सितारों की महफिल और नई संभावनाएं

दिल्ली में 25 मार्च से शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में कई सितारे शामिल हुए हैं। अभिनेता आदिल हुसैन और अभिनेत्री गिरिजा ओक गोडबोले ने इस महोत्सव के महत्व पर प्रकाश डाला। महोत्सव में विभिन्न फिल्मों की स्क्रीनिंग हो रही है, जो सिनेमा के लिए नई संभावनाएं खोल सकती हैं। जानें इस महोत्सव में और क्या खास हो रहा है और सितारों ने क्या कहा।
 
दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव: सितारों की महफिल और नई संभावनाएं

दिल्ली में फिल्म महोत्सव की धूम


नई दिल्ली, 27 मार्च। 25 मार्च से दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सितारों की भीड़ उमड़ने लगी है।


इस महोत्सव में कई प्रमुख फिल्मों की स्क्रीनिंग हो रही है और यह 31 मार्च तक चलेगा। इस कार्यक्रम में अभिनेता आदिल हुसैन, लेखक-निर्देशक जितिन के. जोस, अभिनेता जिष्णु श्रीकुमार और अभिनेत्री गिरिजा ओक गोडबोले शामिल हुए हैं।


अभिनेता आदिल हुसैन ने इस महोत्सव का हिस्सा बनने पर गर्व महसूस किया और कहा, "हम सभी बहुत उत्साहित हैं क्योंकि दिल्ली में फिल्म महोत्सव का आयोजन हुआ है। यह केवल एक महोत्सव नहीं है, बल्कि फिल्म निर्माण के इकोसिस्टम का हिस्सा है, जो हमें सिनेमा के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराता है। हमें उम्मीद है कि न केवल भारत से, बल्कि अन्य देशों से भी लोग इसमें भाग लेंगे।"


वहीं, गिरिजा ओक गोडबोले ने कहा कि दिल्ली में फिल्म महोत्सव का आयोजन सिनेमा को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने बताया कि पहले गोवा या दिल्ली में फिल्म महोत्सव होते थे, लेकिन अब राजधानी में इसका आयोजन नए मानक स्थापित कर सकता है।


अन्नपूर्णा स्टूडियो के सीटीओ, सीवी राव ने भी इस महोत्सव में भाग लिया। उन्होंने बताया कि वे वीएफएक्स में एआई का उपयोग कर रहे हैं, जिससे शॉट्स को और अधिक वास्तविकता दी जा सके। उन्होंने कहा, "कभी-कभी कुछ स्थानों पर शूटिंग करना संभव नहीं होता, ऐसे में वीएफएक्स और एआई के माध्यम से बेहतरीन शॉट्स बनाए जा रहे हैं।"


सीवी राव ने यह भी कहा कि एक अच्छी फिल्म बनाने के लिए एक बेहतरीन स्क्रिप्ट पर ध्यान देना आवश्यक है।


दक्षिण भारतीय अभिनेता जिष्णु श्रीकुमार और लेखक-निर्देशक जितिन के. जोस ने इस महोत्सव में शामिल होने की खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे पहले भी कई फिल्म उत्सवों का हिस्सा रहे हैं, लेकिन दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन सिनेमा के लिए एक सकारात्मक कदम हो सकता है। उन्होंने कहा, "यहां कई विभिन्न फिल्मों की स्क्रीनिंग हो रही है और यह देखकर अच्छा लग रहा है कि सिनेमा से जुड़े लोगों को नया मंच मिल रहा है।"


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