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जन्माष्टमी पर देखें ये अद्भुत फिल्में, जानें श्रीकृष्ण की लीलाओं का जादू!

जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को पर्दे पर देखने के लिए कई बेहतरीन फिल्में उपलब्ध हैं। इस लेख में, हम आपको उन फिल्मों के बारे में बताएंगे जो कृष्ण के जन्म, उनके बचपन की शरारतों और कंस के वध की कहानियों को दर्शाती हैं। जानें कौन सी फिल्में आपके परिवार के लिए इस खास दिन पर देखना सही रहेंगी।
 

जन्माष्टमी का त्योहार और फिल्में




मुंबई, 2 सितंबर। जन्माष्टमी का पर्व आते ही चारों ओर कृष्ण की महिमा छा जाती है। मंदिरों में पूजा-अर्चना होती है, घरों में झांकियां सजाई जाती हैं और रात में भगवान कृष्ण के जन्म का बेसब्री से इंतजार किया जाता है। यदि आप इस विशेष दिन पर भगवान कृष्ण की कहानियों और लीलाओं को फिल्म के माध्यम से देखना चाहते हैं, तो आपके लिए कई बेहतरीन फिल्में उपलब्ध हैं।


लगभग एक सदी पहले दादा साहेब फाल्के ने भगवान कृष्ण के जन्म पर एक फिल्म बनाई थी, और इसके बाद से कृष्ण के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर कई फिल्में बनीं। इनमें से कुछ फिल्में उनके जन्म की कथा को दर्शाती हैं, जबकि अन्य में बाल कृष्ण की शरारतें, सुदामा से मित्रता और कंस के वध की कहानियाँ शामिल हैं। जन्माष्टमी पर आप इन फिल्मों के माध्यम से कृष्ण की अद्भुत लीलाओं का आनंद ले सकते हैं।


'श्री कृष्ण जन्म' - यह साइलेंट फिल्म 1918 में रिलीज हुई थी, जिसे दादा साहेब फाल्के ने निर्देशित और लिखा था। फिल्म में कृष्ण के जन्म की कहानी को दर्शाया गया है, जिसमें दादा साहेब फाल्के की बेटी मंदाकिनी फाल्के ने कृष्ण का किरदार निभाया था। यह फिल्म लगभग 12 मिनट लंबी थी और इसमें संवाद की जगह उस समय के साइलेंट सिनेमा की तकनीक का उपयोग किया गया था।


'कृष्णा द बर्थ' - 2006 में आई इस एनिमेशन फिल्म का निर्देशन राजीव चिलाका ने किया। यह कहानी देवकी और वासुदेव के पुत्र कृष्ण के जन्म से शुरू होती है। कंस को भविष्यवाणी होती है कि देवकी का आठवां बेटा उसकी मृत्यु का कारण बनेगा, जिसके बाद वह देवकी और वासुदेव को कैद कर देता है। कृष्ण के जन्म के बाद वासुदेव उन्हें गोकुल ले जाते हैं, जहाँ उनका पालन-पोषण होता है। फिल्म में कृष्ण के जन्म और उनके बचपन की कई महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल एनिमेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।


'कृष्ण इन वृंदावन' - यदि आप बच्चों के साथ फिल्म देखने का मन बना रहे हैं, तो 2007 की यह एनिमेशन फिल्म एक बेहतरीन विकल्प है। इस फिल्म का निर्देशन भी राजीव चिलाका ने किया है। इसमें कृष्ण और उनके दोस्तों की वृंदावन की जीवनशैली को दर्शाया गया है, जहाँ कृष्ण और बलराम कई खतरनाक राक्षसों का सामना करते हैं। फिल्म में बाल कृष्ण की शरारतों और साहस को रोमांचक तरीके से पेश किया गया है।


'श्री कृष्ण लीला' - 1971 में आई इस फिल्म का निर्देशन होमी वाडिया ने किया। इसमें कृष्ण के जन्म से लेकर मथुरा पहुंचने और कंस का सामना करने तक की कहानी दिखाई गई है। कंस को यह डर रहता है कि देवकी का आठवां बच्चा उसकी मृत्यु का कारण बनेगा, जिसके चलते देवकी और वासुदेव को कैद किया जाता है। कृष्ण का जन्म होने के बाद उन्हें गोकुल ले जाया जाता है, जहाँ वह बड़े होते हैं।


'कृष्णा कंस वध' - 2007 में आई इस एनिमेशन फिल्म का निर्देशन राजीव चिलाका ने किया। फिल्म में कृष्ण और बलराम को कंस की ओर से मथुरा बुलाया जाता है, जहाँ उनका सामना राज्य के शक्तिशाली पहलवानों से होता है। कहानी कंस के साथ उनके अंतिम मुकाबले की ओर बढ़ती है।


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