क्या है 'सिनेमा और हिंदू' पर आदित्य राज कौल की नई सोच? जानें शब्दोत्सव 2026 में उनके विचार
शब्दोत्सव 2026 में सिनेमा पर चर्चा
नई दिल्ली, 3 जनवरी। दिल्ली में आयोजित शब्दोत्सव 2026 में 'सिनेमा और हिंदू' विषय पर एनटीडीवी के कार्यकारी निदेशक आदित्य राज कौल ने अपने विचार साझा किए।
आदित्य राज कौल को उनकी गहन रिसर्च और पत्रकारिता के लिए जाना जाता है, और वे फिल्म 'धुरंधर' से भी जुड़े हुए हैं। यह फिल्म उनकी बनाई डॉक्यूमेंट्री से प्रेरित है, जिसमें उन्होंने आदित्य धर के साथ मिलकर रिसर्च की थी।
शब्दोत्सव में 'सिनेमा और हिंदू' विषय पर चर्चा करते हुए आदित्य ने बताया, "मैंने तीन साल पहले जहूर मिस्त्री पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। इसमें एक अज्ञात गनमैन का जिक्र था, जिसने जहूर मिस्त्री की हत्या की थी। डॉक्यूमेंट्री देखने के बाद आदित्य ने मुझसे कहा कि इस पर फिल्म बनानी चाहिए।"
कश्मीर में बढ़ते आतंकवाद पर आदित्य ने कहा कि भारतीय सिनेमा में आतंकवाद को संतुलित तरीके से दिखाया गया है। वे खुद कश्मीर से हैं और आतंकवाद का सामना कर चुके हैं, इसलिए वे जानते हैं कि पहले की फिल्मों में इसे सही तरीके से नहीं दर्शाया गया। पिछले तीन दशकों से पाकिस्तान कश्मीर में आतंकवाद फैला रहा है, लेकिन अब सिनेमा में बदलाव आ रहा है। उनकी फिल्म 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' भी इसी ओरिजिनल कंटेंट पर आधारित थी।
आदित्य ने आगे कहा कि जब 'हैदर' जैसी फिल्म आती है, तो उसकी प्रशंसा होती है, लेकिन 'कश्मीर फाइल्स' पर आलोचना होती है, यह कहते हुए कि वह पक्षपाती है। 'धुरंधर' जैसी फिल्में अब सच्ची कहानियों को दर्शा रही हैं, जो दर्शकों को पसंद आ रही हैं। ये फिल्म नए फिल्म निर्माताओं को प्रेरित करेगी और हिंदी सिनेमा को यह संदेश देगी कि सच्ची कहानियों को बताना आवश्यक है।
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