क्या है मिथुन चक्रवर्ती की नई फिल्म 'आखिरी सवाल' का राज? जानें बंगाल में रिलीज की कहानी!
फिल्म 'आखिरी सवाल' की रिलीज का ऐलान
कोलकाता, 14 मई। निर्देशक अभिजीत मोहन वारंग की हिंदी फिल्म 'आखिरी सवाल' की पश्चिम बंगाल में रिलीज की औपचारिक घोषणा की गई है। इस अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म का ट्रेलर भी दर्शकों के सामने पेश किया गया। कार्यक्रम का केंद्र बिंदु बंगाल के राजनीतिक परिवर्तनों और फिल्म की संवेदनशील विषयवस्तु रही।
फिल्म की कहानी बाबरी मस्जिद के विध्वंस, आरएसएस की भूमिका और इससे जुड़े राजनीतिक-ऐतिहासिक विमर्श पर आधारित है। संजय दत्त इस फिल्म में एक महत्वपूर्ण किरदार निभाते नजर आएंगे, हालांकि वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित नहीं थे। इस कार्यक्रम में भाजपा नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती भी शामिल हुए, जिनके बेटे नमाशी चक्रवर्ती फिल्म में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं। अभिनेत्री समीरा रेड्डी भी इस फिल्म का हिस्सा हैं।
निर्देशक अभिजीत मोहन वारंग ने बताया कि मिथुन चक्रवर्ती और नमाशी चक्रवर्ती पहली बार एक साथ बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। नई फिल्म की स्क्रिप्ट तैयार है और चुनाव के बाद मिथुन की तारीखों का इंतजार किया जा रहा था। ट्रेलर को दर्शकों और समर्थकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, जिससे टीम उत्साहित है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी चर्चा हुई कि पिछली सरकार के दौरान इस फिल्म का ट्रेलर लॉन्च रोक दिया गया था। मंच से कहा गया कि 'बंगाल फाइल्स' जैसी फिल्मों को पहले बंगाल में रिलीज नहीं होने दिया गया, लेकिन अब सत्ता परिवर्तन के बाद 'आखिरी सवाल' को रिलीज किया जा रहा है।
मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि अब केवल 'आखिरी सवाल' ही नहीं, बल्कि 'बंगाल फाइल्स' भी बंगाल में प्रदर्शित होगी। उन्होंने इसे 'वो सच्चाई' बताया जिसे देश को जानना चाहिए।
मिथुन ने यह भी कहा कि बंगाल में 'सोनार बांग्ला' का सपना साकार होगा और राज्य विकास की नई दिशा में आगे बढ़ेगा। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों तक बंगाल की राजनीति को ध्रुवीकरण और मुस्लिम वोट बैंक के आधार पर चलाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा ने साबित कर दिया है कि 'मुस्लिम वोट के बिना भी बंगाल में सरकार बनाई जा सकती है।'
चुनाव के बाद की हिंसा पर ममता बनर्जी से जुड़े एक सवाल के जवाब में मिथुन ने कहा, 'जनता अपना फैसला दे चुकी है, अब उनके सवाल पूछने से कोई फर्क नहीं पड़ता।'
नमाशी चक्रवर्ती ने अपने किरदार और फिल्म के अनुभव साझा किए। समीरा रेड्डी ने कोलकाता को 'भारत की सांस्कृतिक राजधानी' बताते हुए बंगाल की फिल्म इंडस्ट्री के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
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