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क्या है फिल्म 'हनुमान अंश' के सेट पर लागू सख्त नियम? जानें निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की कहानी

फिल्म 'हनुमान अंश' की शूटिंग के दौरान सेट पर अनुशासन बनाए रखने के लिए कई सख्त नियम लागू किए गए थे। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि गाली-गलौज, नॉन-वेज भोजन और शराब पर पूरी तरह से रोक थी। हर दिन की शुरुआत हनुमान चालीसा के पाठ से होती थी, जो टीम के मनोबल को बढ़ाने में मददगार साबित हुई। जानें इस फिल्म के प्रचार अभियान में कैसे भक्ति और सेवा का संदेश शामिल किया गया है।
 

फिल्म 'हनुमान अंश' की शूटिंग के दौरान अनुशासन



मुंबई, 06 सितंबर (वेब वार्ता)। लेखक और निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने खुलासा किया कि उनकी फिल्म 'हनुमान अंश' की शूटिंग के दौरान सेट पर एक आध्यात्मिक वातावरण और अनुशासन बनाए रखने के लिए कई कठोर नियम लागू किए गए थे। सेट पर गाली-गलौज, ऊंची आवाज में बहस, झगड़े, नॉन-वेज भोजन और शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध था।


इस फिल्म की कहानी नीम करोली बाबा पर आधारित है, और शूटिंग की शुरुआत हर दिन हनुमान चालीसा के पाठ से होती थी।


विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि जब भी संभव होता, दिन का अंत भी हनुमान चालीसा के पाठ के साथ किया जाता था।


कई बार सुबह की शिफ्ट सात बजे की होती थी, लेकिन विभिन्न कारणों से कैमरा देर से चालू होता था। ऐसे समय में पूरी टीम हनुमान चालीसा का पाठ करती थी। निर्देशक का मानना है कि प्रार्थना ने शूटिंग के दौरान आने वाली चुनौतियों का सामना करने में टीम का मनोबल बढ़ाया।


विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि यह परंपरा नीम करोली बाबा की शिक्षाओं से प्रेरित थी। महाराज जी भक्ति, सेवा, जरूरतमंदों को भोजन कराने और राम नाम के प्रचार पर जोर देते थे। इसी सोच को फिल्म के प्रचार अभियान में भी शामिल किया गया।


उन्होंने बताया कि फिल्म के प्रचार के दौरान टीम ने आठ बड़े मंगल भंडारों का आयोजन किया, जिसमें लोगों को भोजन कराया गया। उनका उद्देश्य केवल फिल्म का प्रचार करना नहीं, बल्कि महाराज जी के सेवा संदेश को वास्तविक जीवन में उतारना था।


कम बजट और धीमी शुरुआत के बावजूद, 'हनुमान अंश' को 2026 की चर्चित स्लीपर हिट फिल्मों में से एक माना जा रहा है।


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