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क्या है फिल्म 'शतक' का रहस्य? जानें संघ की अनसुनी कहानी का टीजर!

फिल्म 'शतक' का टीजर हाल ही में जारी किया गया है, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 साल की यात्रा और उसके सामाजिक योगदान को दर्शाता है। इस फिल्म में संघ से जुड़े कई पुराने भ्रमों और गलतफहमियों पर भी प्रकाश डाला गया है। निर्देशक आशीष मॉल ने इस फिल्म को एक व्यक्तिगत यात्रा बताया है, जिसमें संघ के इतिहास और विचारों को सही संदर्भ में पेश किया गया है। फिल्म 19 फरवरी 2026 को रिलीज होगी।
 
क्या है फिल्म 'शतक' का रहस्य? जानें संघ की अनसुनी कहानी का टीजर!

फिल्म 'शतक' का टीजर हुआ जारी




मुंबई, 30 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर आधारित फिल्म 'शतक' का टीजर शुक्रवार को रिलीज किया गया। यह फिल्म संघ के एक सदी के सफर, उसके विचारों और सामाजिक योगदान को दर्शाती है।


यह फिल्म संघ के 100 साल पूरे होने की कहानी को प्रस्तुत करती है, जिसने देश के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन पर गहरा प्रभाव डाला है। टीजर से यह स्पष्ट होता है कि फिल्म में संघ से जुड़े कई पुराने भ्रमों और गलतफहमियों पर भी रोशनी डाली गई है।


टीजर से यह भी पता चलता है कि यह फिल्म केवल विवादों या चर्चाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि संघ के इतिहास, विचार और विकास को सही संदर्भ में पेश करती है। इसमें स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस के योगदान, विभिन्न समय पर लगे प्रतिबंध और आपातकाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों की झलक भी दिखाई देती है।


हाल ही में दिल्ली के केशव कुंज स्थित आरएसएस कार्यालय में फिल्म का गीत 'भगवा है अपनी पहचान' लॉन्च किया गया। इस गीत को आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने प्रस्तुत किया, और इसे प्रसिद्ध गायक सुखविंदर सिंह ने गाया है। यह देशभक्ति से भरा गीत फिल्म की भावना और मूल विचार को दर्शाता है।


फिल्म के निर्देशक आशीष मॉल ने कहा, "यह फिल्म मेरे लिए एक व्यक्तिगत यात्रा जैसी है। फिल्म की रिसर्च के दौरान मुझे संघ से जुड़े कई ऐसे पहलू समझने को मिले, जिन पर सामान्यतः चर्चा नहीं होती। इस फिल्म के जरिए समाज में फैली गलतफहमियों को ईमानदारी से सामने लाना हमारी प्राथमिकता थी।"


फिल्म के निर्माता वीर कपूर ने बताया, "यह फिल्म पुस्तकों, दस्तावेजों और उपलब्ध साहित्य के आधार पर तैयार की गई है। हमारा प्रयास रहा कि संघ की वैचारिक परंपरा को एक सूत्र में पिरोकर सिनेमाई भाषा में प्रस्तुत किया जाए। 1875 से 1950 के बीच प्रारंभ हुए अनेक आंदोलनों में से केवल संघ ही ऐसा संगठन रहा जो बिना टूटे निरंतर आगे बढ़ता रहा। यही उसकी सबसे बड़ी शक्ति रही। फिल्म की टैगलाइन 'ना रुके, ना थके, ना झुके' इसी भाव को दर्शाती है।"


फिल्म के सह-निर्माता आशीष तिवारी हैं। अनिल डी अग्रवाल की परिकल्पना पर आधारित और आशीष मॉल द्वारा निर्देशित यह फिल्म 19 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इसे एडीए 360 डिग्री एलएलपी द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।


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