क्या है कीर्ति कुल्हारी की नई फिल्म 'किनारे' की खासियत? जानें इसके पीछे की कहानी!
कीर्ति कुल्हारी की नई फिल्म 'किनारे' का उत्साह
मुंबई, 15 अक्टूबर (वेब वार्ता)। अभिनेत्री और निर्माता कीर्ति कुल्हारी अपनी आगामी फिल्म 'किनारे' को लेकर बेहद उत्साहित हैं। इस फिल्म की स्क्रीनिंग धर्मशाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (डीआईएफएफ) में होने वाली है। उन्होंने इसे अपने प्रोडक्शन में पहला प्रोजेक्ट बताया और कहा कि इसकी सरलता, भावनात्मक गहराई और बारीकियों को खूबसूरती से प्रस्तुत करने के तरीके ने उन्हें इसे बनाने के लिए प्रेरित किया।
कीर्ति ने फिल्म के बारे में चर्चा करते हुए कहा, 'किनारे' मेरे लिए एक विशेष प्रोजेक्ट है। इसकी कहानी ने मुझे छू लिया। यह एक साधारण, दिल को छू लेने वाली और बारीकियों से भरी फिल्म है। मुझे ऐसी विशेषताएँ ईरानी फिल्मों में देखने को मिलती हैं, जिन्हें मैं हमेशा पसंद करती आई हूँ। जब मुझे यह कहानी मिली, तो मैंने तुरंत इसे बनाने का निर्णय लिया।
उन्होंने आगे कहा, 'मैं चाहती थी कि इस फिल्म को स्वतंत्र रूप से बनाया जाए, ताकि इसे उसी रूप में प्रस्तुत किया जा सके जैसा मैंने और मेरी टीम ने सोचा था। फिल्म से जुड़े सभी लोगों ने इसकी कहानी पर विश्वास किया और सिनेमा के प्रति अपने प्रेम के कारण इसका हिस्सा बने। मैं खुश हूँ कि पूरी टीम ने मेरा साथ दिया और 'किनारे' जैसी फिल्म दर्शकों तक पहुँचाने का अवसर मिला।'
फिल्म में कीर्ति के साथ अभिनेता राजीव सिद्धार्थ भी हैं, जिन्होंने इसकी कहानी की सराहना की। उन्होंने कहा, 'हर अभिनेता ऐसी स्क्रिप्ट की तलाश में रहता है, जिसमें केवल लिखे गए शब्द ही नहीं, बल्कि उन शब्दों के पीछे की भावनाएँ भी महत्वपूर्ण हों। 'किनारे' में मुझे एक अभिनेता के रूप में ऐसा अनुभव मिला।'
राजीव ने कहा, 'फिल्म की कहानी का विषय ऐसा है जिससे हर कोई जुड़ाव महसूस कर सकता है। मुझे उम्मीद है कि दर्शक इसे देखकर प्रभावित होंगे और कहानी उनके जीवन में कुछ बदलाव लाएगी।'
कीर्ति कुल्हारी की पहली फीचर फिल्म प्रोडक्शन 'किनारे' की कहानी दिल्ली के पास के एक गाँव की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म में कीर्ति अमीना का किरदार निभा रही हैं, जो अकेली रहती हैं और अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करती हैं। उनकी जिंदगी में बदलाव तब आता है जब 15 साल बाद उनका कजिन भाई आजम अचानक उनसे मिलने आता है। उसकी वापसी से परिवार के अतीत से जुड़े राज सामने आने लगते हैं, जो कभी परिवार के रिश्तों में दरार का कारण बने थे।
फिल्म की कहानी और निर्देशन कादरी ब्रदर्स, यानी अकबर कादरी और आजम कादरी ने किया है। कीर्ति ने इसे अपने प्रोडक्शन बैनर किंत्सुकुरोई फिल्म्स के तहत बनाया है, जबकि अभिषेक कोका और मानसी गुप्ते ने इसे को-प्रोड्यूस किया है।
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