क्या सोनू सूद की अपील से नाव दुर्घटनाओं में कमी आएगी? जानें उनके विचार
सोनू सूद की चिंता: नाव दुर्घटनाओं पर उठाए सवाल
मुंबई, 1 मई। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता सोनू सूद को उनके जनसेवा के कार्यों के लिए 'जरूरतमंदों का मसीहा' कहा जाता है। कोविड-19 महामारी से लेकर अब तक, सोनू सूद ने कई गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता की है। हाल ही में एक नाव दुर्घटना ने उन्हें गहरी चिंता में डाल दिया है। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि कब तक लोग इन व्यवस्थागत कमियों के कारण अपनी जान गंवाते रहेंगे?
मध्य प्रदेश के बरगी बांध के पास नर्मदा नदी में एक क्रूज नाव के पलटने की घटना ने सोनू सूद को परेशान कर दिया है। इससे पहले भी उन्होंने बिहार और वृंदावन में हुई नाव दुर्घटनाओं के संदर्भ में लाइफ जैकेट के महत्व पर जागरूकता फैलाई थी, लेकिन लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने उन्हें निराश कर दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, "कुछ समय पहले मैंने बिहार में हुई नाव दुर्घटना के बारे में पोस्ट किया था और हर यात्री के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य करने की अपील की थी। अब मध्य प्रदेश में भी इसी तरह की घटना हुई है। कितनी और जानें जाएंगी?"
सोनू सूद ने आगे कहा, "अब इसे अनिवार्य बनाने का समय आ गया है। कोई भी नाव बिना हर यात्री के लाइफ जैकेट पहने रवाना न हो। हमें एक सरकारी पोर्टल की आवश्यकता है, जहां सभी यात्रियों के लाइफ जैकेट पहने होने का प्रमाण अपलोड किया जा सके। केवल कड़ी जवाबदेही ही जानें बचा सकती है।"
गौरतलब है कि हाल ही में मध्य प्रदेश के बरगी बांध के पास नर्मदा नदी में क्रूज नाव पलटने से नौ लोगों की जान चली गई है, और कई लोग अभी भी लापता हैं। कुछ यात्रियों ने तैरकर अपनी जान बचाई।
इससे पहले मथुरा में हुई एक नाव दुर्घटना पर भी सोनू सूद ने दुख व्यक्त किया था और लाइफ जैकेट को अनिवार्य करने की मांग की थी। उनका मानना है कि सरकार को इस दिशा में एक पोर्टल लॉन्च करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमारे देश में बार-बार नाव दुर्घटनाएं होती रही हैं। पिछले एक साल में दर्जनों निर्दोष लोग इसी तरह की घटनाओं में मारे गए हैं, जिनमें से अधिकतर को रोका जा सकता था।"
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