क्या संजय गुप्ता ने सही कहा? पुणे मर्डर केस में मीडिया ट्रायल पर उठे सवाल
संजय गुप्ता का विवादास्पद पोस्ट
पुणे के व्यवसायी केतन अग्रवाल के हत्या मामले पर फिल्म निर्देशक संजय गुप्ता का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए मुख्य आरोपी सिया गोयल के मामले की तुलना 2020 में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती से जुड़े मीडिया ट्रायल से की। उनके इस बयान के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी आलोचना की।
साक्ष्यों से पहले निर्णय नहीं लेना चाहिए
संजय गुप्ता ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी का पक्ष लेना नहीं है, बल्कि यह कहना है कि किसी को भी साक्ष्य सामने आने से पहले दोषी मान लेना उचित नहीं है।
उन्होंने लिखा, "मैं किसी पर उंगली नहीं उठा रहा और न ही किसी की साइड ले रहा हूं। मैं बस इतना कह रहा हूं कि क्या हम सिया के साथ वही करना बंद कर सकते हैं, जो हमने रिया चक्रवर्ती के साथ किया था? हम सबने वह तमाशा देखा था। टीवी पर ही मुकदमा चला दिया गया और साक्ष्य आने से पहले ही फैसला सुना दिया गया। इसके बाद भी हम लोग कुछ नहीं सीखते हैं।"
रिया चक्रवर्ती केस का संदर्भ
संजय गुप्ता ने अपने पोस्ट में 2020 के रिया चक्रवर्ती मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि मीडिया ट्रायल से बचना चाहिए। उनका मानना है कि किसी भी मामले में जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के समाप्त होने से पहले निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
संजय गुप्ता के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने उनके बयान का विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने इस संवेदनशील मामले में जल्दबाजी में टिप्पणी की है। कुछ लोगों ने उनके बयान को "बेतुका" बताते हुए इसकी आलोचना की, जबकि कुछ ने निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक संयम बरतने की बात का समर्थन किया।
मामला जांच के अधीन
पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल हत्या मामले की जांच वर्तमान में संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। कानूनी प्रक्रिया जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस केस से जुड़े विभिन्न बयानों और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं पर चर्चा बनी हुई है।
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