क्या 'दो दीवाने सहर में' फिल्म ने दिखाया असली सुंदरता का मतलब?
फिल्म 'दो दीवाने सहर में' का अनोखा संदेश
मुंबई, 28 अप्रैल। आजकल सुंदरता की चाहत ने हर किसी को प्रभावित किया है, चाहे वो आम लोग हों या फिल्मी सितारे। परफेक्ट फिगर पाने के लिए डाइटिंग, जिम और खाने-पीने पर सख्त नियंत्रण अब एक सामान्य बात बन गई है। इसी विषय को हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'दो दीवाने सहर में' में दर्शाया गया है।
इस फिल्म में संदीपा धर ने 'नैना' नाम की एक लड़की का किरदार निभाया है, जो सोशल मीडिया और समाज के दबाव के चलते अपनी असली पहचान खो देती है।
मंगलवार को संदीपा ने इंस्टाग्राम पर फिल्म का एक दृश्य साझा किया, जिसमें वह खूबसूरत और परफेक्ट बनने के सफर को बयां करती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें याद नहीं है कि आखिरी बार उन्होंने कब पेट भरकर खाना खाया था। अभिनेत्री ने वीडियो के साथ लिखा, "मुझे नैना के इस सीन के लिए आप सभी से ढेर सारे संदेश मिल रहे हैं। नैना का इस तरह टूटना उस झूठ का परिणाम है, जो हमें बचपन से सिखाया गया है। हमें बताया गया है कि हम तभी बेहतर कहलाएंगे जब हम 5 किलो वजन कम कर लेंगे या जब हमें प्रमोशन मिलेगा।"
संदीपा ने आगे कहा कि नैना के अनुभव के साथ-साथ उन्होंने यह भी महसूस किया है कि इंसान जैसा है, वैसा ही पर्याप्त है। खुश रहने के लिए किसी बाहरी दिखावे या दूसरों की स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है।
रवि उद्यावर द्वारा निर्देशित इस फिल्म में संदीपा के साथ सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। संदीपा फिल्म में खूबसूरत और खुश नजर आती हैं, लेकिन अंदर से वह अकेलेपन और पहचान खोने के डर से जूझती हैं। उनका किरदार आज की उन लड़कियों का प्रतिनिधित्व करता है, जो समाज के बनाए 'परफेक्ट' होने के मानदंडों के नीचे दब गई हैं।
फिल्म, जो 20 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई, को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिली हैं।
.png)