क्या आज की पीढ़ी के रिश्ते हैं बेपरवाह? किरण राव ने खोली अपनी सोच
किरण राव की नई सोच पर चर्चा
मुंबई, 4 अक्टूबर। फिल्म निर्माता किरण राव अपने कार्यों में समाज और रिश्तों के बदलते स्वरूप को एक अनोखे दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती हैं। उनकी कहानियों में आज की युवा पीढ़ी की सोच, उनकी स्वतंत्रता और रिश्तों के प्रति बदलते नजरिए को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है।
हाल ही में 'लस्ट स्टोरीज 3' के प्रमोशन के दौरान, किरण राव ने आज के युवाओं के रोमांटिक रिश्तों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि उनकी पीढ़ी और वर्तमान युवा पीढ़ी के रिश्तों को देखने के दृष्टिकोण में काफी परिवर्तन आया है।
जब बातचीत के दौरान उनसे पूछा गया कि उनके युवा पात्र प्यार और रिश्तों के प्रति बेपरवाह क्यों नजर आते हैं, तो उन्होंने कहा, ''मैं आज की युवा पीढ़ी को बेपरवाह नहीं मानती, बल्कि उनमें एक स्वतंत्रता और अपनी भावनाओं को बिना किसी संकोच के व्यक्त करने की क्षमता है। हमारी पीढ़ी में लोगों से एक विशेष प्रकार के रिश्ते की अपेक्षा की जाती थी, लेकिन अब समय बदल चुका है।''
किरण ने आगे कहा, ''आज के युवा अपनी भावनाओं और इच्छाओं को पहले से अधिक खुलकर व्यक्त करते हैं। मैंने अपनी कहानी में इसी बदलाव को शामिल किया है। कहानी में दो युवा पात्र हैं, जो किसी रिश्ते में बंधे नहीं हैं, लेकिन एक-दूसरे के प्रति आकर्षित हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके बीच क्या होता है जब वे अपनी पसंद के अनुसार निर्णय लेते हैं।''
अपनी पीढ़ी के समय को याद करते हुए, किरण ने कहा, ''उस समय शादी के बाद पति-पत्नी के बीच शारीरिक और भावनात्मक संबंध को सामान्य माना जाता था, लेकिन अब यह अनिवार्य नहीं है। आज लोग शादी से पहले भी गहरे रिश्ते में रह सकते हैं।''
उन्होंने कहा, ''मैंने अपनी कहानी को इसी बदलते परिदृश्य में रखा है। मैं चाहती थी कि यह कहानी नई पीढ़ी की ताजगी, उनकी स्वतंत्रता और रिश्तों के प्रति खुले दृष्टिकोण को दर्शाए। मेरे लिए यह केवल एक रोमांटिक कहानी नहीं, बल्कि उस युग की तस्वीर है जिसमें आज के युवा अपने रिश्तों को पहले से अधिक खुलकर जी रहे हैं।''
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