केरल सरकार का मलयालम सिनेमा को नया जीवन: क्या हैं नई योजनाएं?
मलयालम सिनेमा को मिलेगी नई पहचान
तिरुवनंतपुरम, 19 जून। मलयालम फिल्म उद्योग ने हाल के वर्षों में अपनी बेहतरीन कहानियों, उत्कृष्ट निर्देशन और प्रभावशाली अभिनय के चलते न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। इस संदर्भ में, केरल सरकार ने फिल्म उद्योग को सशक्त बनाने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इन पहलों का उद्देश्य मलयालम सिनेमा को एक संगठित उद्योग के रूप में विकसित करना है। इस कदम का स्वागत करते हुए प्रसिद्ध अभिनेता मोहनलाल ने कहा कि यह निर्णय फिल्म जगत को नई ऊर्जा और विकास के अवसर प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने अपने पहले बजट 2026-27 में मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के विकास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की है। मुख्यमंत्री, जो राज्य के वित्त मंत्री भी हैं, ने कहा कि सरकार सिनेमा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए व्यापक योजनाएं लागू करेगी। इस पहल का उद्देश्य फिल्म निर्माण, तकनीकी सुविधाओं और नए निवेश के अवसरों को बढ़ावा देना है।
सतीशन ने बताया, ''बजट के तहत कोच्चि में जे.सी. डेनियल इंटरनेशनल फिल्म सिटी और चित्रनगरम की स्थापना की जाएगी। यह प्रोजेक्ट मलयालम सिनेमा को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, सरकार सिनेमा को औपचारिक रूप से उद्योग का दर्जा देने की मांग पर भी विचार करेगी।''
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के लिए एक स्थायी स्थल तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, फिल्म पाइरेसी से निपटने के लिए एक मजबूत एंटी-पाइरेसी सेल का गठन किया जाएगा, और देश-विदेश की बड़ी फिल्म निर्माण कंपनियों को केरल में शूटिंग के लिए आकर्षित किया जाएगा। इन सभी योजनाओं के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
इन घोषणाओं का स्वागत करते हुए मोहनलाल ने कहा कि यह निर्णय मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगा। इससे न केवल फिल्म निर्माताओं को लाभ होगा, बल्कि सिनेमा से जुड़े हजारों कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों को भी नए अवसर मिलेंगे।
अभिनेता ने मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और संस्कृति मंत्री पी. सी. विष्णुनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह फिल्म इंडस्ट्री को नई ताकत प्रदान करेगा और वैश्विक पहचान को भी बढ़ाएगा।
बजट में न केवल सिनेमा, बल्कि संस्कृति और साहित्य को भी विशेष महत्व दिया गया है। कोझिकोड में एम. टी. वासुदेवन नायर सांस्कृतिक पार्क की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए 50 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इस सांस्कृतिक पार्क में पुस्तकालय, आधुनिक थिएटर, कला दीर्घा, इतिहास संग्रहालय और साहित्य एवं भाषा संग्रहालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इसके अलावा, केरल की पारंपरिक कलाओं जैसे कथकली, कूडियाट्टम, थेय्यम, थुल्लल, ओप्पना, मप्पिलापट्टू, मार्गमकली, और जनजातीय आर्ट फॉर्म को भी इस परियोजना के माध्यम से संरक्षित और प्रदर्शित किया जाएगा। सरकार ने मलयालम सिनेमा और संगीत जगत की महान हस्तियों को भी सम्मान देने की घोषणा की है। प्रसिद्ध संगीतकार जॉनसन मास्टर की स्मृति में त्रिशूर में एक संगीत अकादमी स्थापित की जाएगी, जिसके लिए 5 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। वहीं, लोकप्रिय अभिनेता सलीम कुमार की याद में एक स्मारक बनाने के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
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