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काजोल ने कोलकाता के काली मंदिर में मां का आशीर्वाद लिया, जानें उनकी आस्था के बारे में

अभिनेत्री काजोल ने हाल ही में कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में जाकर माता रानी का आशीर्वाद लिया। उनकी आस्था और हालिया फिल्म 'मां' के प्रचार के दौरान की गई इस यात्रा ने उनके धार्मिक विश्वास को उजागर किया है। जानें इस मंदिर का महत्व और काजोल की फिल्म की कहानी के बारे में।
 

काजोल की आध्यात्मिक यात्रा


मुंबई, 17 जुलाई। अभिनेत्री काजोल ने हाल ही में कोलकाता के प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर काली मंदिर में जाकर माता रानी का आशीर्वाद लिया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।


काजोल ने मंदिर में रेड को-ऑर्ड सेट पहना था, जिसे उन्होंने काले चश्मे के साथ मिलाया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में उन्हें पुलिस अधिकारियों और अपनी टीम के साथ मंदिर में प्रवेश करते हुए देखा जा सकता है, जबकि उनके हाथों में पूजा का सामान भी था।


काजोल मां काली की एक बड़ी भक्त मानी जाती हैं, और उनकी आस्था अक्सर उनके बयानों और आध्यात्मिक यात्राओं में झलकती है। उनकी पौराणिक हॉरर फिल्म 'मां' के प्रचार के दौरान भी उनकी भक्ति स्पष्ट रूप से दिखाई दी। फिल्म 'मां' की रिलीज से पहले, काजोल ने देवी का आशीर्वाद लेने के लिए दक्षिणेश्वर काली मंदिर का दौरा किया था। इसके बाद, 2024 में भी उन्होंने मां तनुजा और बेटे युग के साथ मंदिर का दौरा किया।


दक्षिणेश्वर काली मंदिर, जो गंगा नदी के पूर्वी तट पर स्थित है, केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह बंगाल की संस्कृति और स्थापत्य का प्रतीक भी है। इसे 1855 में रानी रासमणि द्वारा बनवाया गया था और यह मां काली के 'भवतारिणी' रूप को समर्पित है। यह वही स्थान है जहां महान संत रामकृष्ण परमहंस ने साधना की थी।


काजोल की हालिया फिल्म 'मां' में उनकी भूमिका को लेकर चर्चा हो रही है। विशाल फुरिया द्वारा निर्देशित इस फिल्म में काजोल के साथ रोनित रॉय, इंद्रनील सेनगुप्ता और खेरिन शर्मा भी हैं।


फिल्म की कहानी एक मां और उसकी बेटी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने मृत पति की रहस्यमय मौत के बाद उनके पुश्तैनी गांव जाती हैं। लेकिन उनकी यात्रा एक डरावने मोड़ पर पहुंच जाती है जब उन्हें एक शैतानी श्राप का सामना करना पड़ता है, जो उनकी जान को खतरे में डालता है और उन्हें अतीत के एक काले राज का सामना करने के लिए मजबूर करता है।


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