इम्तियाज अली: अभिनेता बनने का सपना देखने वाले निर्देशक की प्रेरणादायक कहानी
इम्तियाज अली का सफर
मुंबई, 15 जून। फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली ने ऐसी कई फिल्में बनाई हैं, जिनके संवाद और पात्र आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं। उनकी चर्चित फिल्मों में 'जब वी मेट', 'रॉकस्टार', 'हाइवे' और 'तमाशा' शामिल हैं। लेकिन बहुत से लोग नहीं जानते कि इम्तियाज का सपना कभी निर्देशक बनने का नहीं था, बल्कि वे एक अभिनेता बनना चाहते थे। वे अभिनय में करियर बनाने के लिए मुंबई आए थे, लेकिन किस्मत ने उन्हें एक अलग रास्ता दिखाया।
इम्तियाज अली का जन्म 16 जून 1971 को झारखंड के जमशेदपुर में हुआ। उनके पिता सिंचाई विभाग में इंजीनियर थे और मां गृहिणी। उनका बचपन का कुछ हिस्सा पटना में बीता, जहां उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। बाद में वे जमशेदपुर लौट आए, जहां उनके रिश्तेदारों के कई सिनेमाघर थे। एक थिएटर उनके घर के पास था, जिससे उन्हें फिल्मों के प्रति रुचि बढ़ी।
अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए इम्तियाज दिल्ली गए और दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में दाखिला लिया। कॉलेज के दिनों में उन्होंने थिएटर में सक्रिय भागीदारी की, नाटक लिखे, निर्देशित किए और अभिनय भी किया। यही वह समय था जब उन्होंने मनोरंजन की दुनिया में करियर बनाने का निर्णय लिया।
कॉलेज खत्म करने के बाद इम्तियाज मुंबई चले आए। उस समय उनका सपना एक अभिनेता बनने का था। उन्होंने कई छोटे-मोटे काम किए और बाद में फिल्म निर्माण और निर्देशन की बारीकियों को सीखना शुरू किया। टीवी इंडस्ट्री में उन्होंने 'कुरुक्षेत्र', 'इम्तिहान' और 'महाभारत' जैसे शो का निर्देशन किया, जिससे उन्हें कैमरे के पीछे का अनुभव मिला।
हालांकि, अभिनेता बनने का सपना उन्होंने पूरी तरह नहीं छोड़ा। 2004 में उन्हें अनुराग कश्यप की फिल्म 'ब्लैक फ्राइडे' में याकूब मेमन का किरदार निभाने का मौका मिला। लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि उनकी असली ताकत कहानियां गढ़ने और उन्हें पर्दे पर लाने में है। इसके बाद उन्होंने निर्देशन पर ध्यान केंद्रित किया।
2005 में उनकी पहली फिल्म 'सोचा न था' रिलीज हुई, जिसे समीक्षकों ने सराहा, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। इसके बाद 'आहिस्ता आहिस्ता' भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। लगातार दो असफलताओं के बावजूद इम्तियाज ने हार नहीं मानी। फिर 2007 में 'जब वी मेट' आई, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। शाहिद कपूर और करीना कपूर की इस फिल्म ने उन्हें रातों-रात चर्चित निर्देशक बना दिया।
इसके बाद उन्होंने 'लव आज कल', 'रॉकस्टार', 'हाइवे', 'तमाशा' और 'अमर सिंह चमकीला' जैसी कई सफल फिल्मों का निर्देशन किया। अपने उत्कृष्ट काम के लिए इम्तियाज अली को आईफा, गिल्ड अवॉर्ड, इंडियन टेली अवार्ड, जी सिने अवार्ड जैसे कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
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