आरएसएस के 100 साल: जानें फिल्म 'शतक' में गीतकार राकेश कुमार पाल का अनुभव
आरएसएस की शताब्दी पर विशेष फिल्म का निर्माण
नई दिल्ली, 11 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने 100 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाने के लिए एक विशेष पहल की है। इस अवसर पर संघ ने प्लास्टिक के कम उपयोग और पारिवारिक मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए घर-घर जाकर लोगों को प्रेरित करने का कार्य शुरू किया है।
इस शताब्दी समारोह के तहत एक फीचर फिल्म 'आरएसएस के 100 वर्ष - शतक' भी बनाई जा रही है। इस फिल्म के गाने लिखने का कार्य गीतकार राकेश कुमार पाल ने किया है, जिन्होंने इस प्रक्रिया में कई चुनौतियों का सामना किया।
फिल्म 'शतक' के पहले गाने के लॉन्च के दौरान, राकेश कुमार पाल ने कहा, "मैं आमतौर पर व्यावसायिक गाने लिखता हूं, लेकिन इस तरह की फिल्म पर काम करना मेरे लिए नया अनुभव था। मैंने पहले भी फिल्मों के लिए गाने लिखे हैं, लेकिन यह प्रोजेक्ट मेरे लिए कुछ खास था। शुरुआत में मुझे पूरी जानकारी नहीं थी, लेकिन टीम के सहयोग से मैंने गाने लिखने में सफलता पाई। फिल्म में कुल चार गाने हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "चारों गाने एक ही विषय पर आधारित हैं, लेकिन उन्हें अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत करना चुनौतीपूर्ण था। सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए सही साथी होना जरूरी है। हम गाने बनाने से पहले कई बार रिकॉर्डिंग करते हैं और गाने में हिंदी का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए लिरिक्स को कई बार चेक किया गया।"
राकेश कुमार पाल बॉलीवुड में अपने बेहतरीन गानों के लिए मशहूर हैं, जिनमें 'रूला के गया इश्क', 'तुम मिले', 'सोनियो', 'बेबी डॉल', 'चिट्टियां कलाइयां', 'सूरज डूबा है', 'लवली', 'देसी लुक', 'मैं हूं हीरो तेरा', और 'झूमे जो पठान' जैसे गाने शामिल हैं।
फिल्म 'शतक' की पहली झलक भी जारी की जा चुकी है, जिसमें आरएसएस के 100 वर्षों के संघर्ष को दर्शाने का प्रयास किया गया है। इस फिल्म का निर्माण वीर कपूर द्वारा किया जा रहा है, जबकि आशीष तिवारी सह-निर्माता हैं और निर्देशन आशीष मॉल कर रहे हैं। फिल्म का उद्देश्य आज के युवाओं को इतिहास, हिंदू गौरव और परंपरा से अवगत कराना है।
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