Laalo: एक नई ऊंचाई पर गुजराती सिनेमा की कहानी
गुजराती सिनेमा में एक मील का पत्थर
फिल्म 'Laalo – Krishna Sada Sahaayate' ने गुजराती सिनेमा में एक नई पहचान बनाई है, जिसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है और दर्शकों के साथ गहरा भावनात्मक संबंध स्थापित किया है। इसने गुजरात और विश्व स्तर पर 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है, जो इसकी मजबूत कहानी और गहराई को दर्शाता है। एक विशेष बातचीत में, निर्देशक अंकित सखिया ने फिल्म के विभिन्न दर्शकों के साथ परीक्षण करने की सोच और योजना के बारे में बताया, क्योंकि यह फिल्म 9 जनवरी को हिंदी में रिलीज होने के लिए तैयार है।
सफलता की कहानी
PV: 'Laalo' ने गुजरात में 100 करोड़ रुपये और विश्व स्तर पर भी यही आंकड़ा पार किया है। क्या यह अपेक्षित था? आप इस सफलता को कैसे देखते हैं?
A: हमें इस तरह की संग्रहणीयता की उम्मीद नहीं थी, लेकिन हमें विश्वास था कि फिल्म दर्शकों तक पहुंचेगी क्योंकि इसकी कहानी मजबूत है। इस सफलता को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है, लेकिन हम सभी खुश हैं कि हमारी गुजराती फिल्म ने कई लोगों के दिलों को छुआ है।
फीडबैक का महत्व
PV: फिल्म को अंतिम रिलीज से पहले विभिन्न समूहों को दिखाने के आपके विचार के बारे में बताएं और आपने फीडबैक पर कैसे काम किया?
A: निर्माता हमेशा अपनी फिल्म को पसंद करते हैं, लेकिन हमने इसे विभिन्न आयु वर्ग के लोगों पर परीक्षण करने का निर्णय लिया ताकि फीडबैक प्राप्त कर सकें। इसके बाद हमने आवश्यक बदलाव किए।
स्क्रिप्ट से स्क्रीन तक
PV: क्या कोई ऐसा दृश्य है जो स्क्रिप्ट से स्क्रीन पर महत्वपूर्ण रूप से विकसित हुआ?
A: वह दृश्य जहां भगवान कृष्ण लाला को बताते हैं कि वह पहले कैसे थे, स्क्रिप्ट में कुछ अलग था। जब इसे शूट किया गया, तो कई बदलाव हुए। सब कुछ अभिनेता की भावनाओं पर आधारित था, लेकिन यह स्क्रिप्ट के प्रति सच्चा रहा।
भविष्य की योजनाएं
PV: क्या हम इसका पार्ट 2 देखेंगे?
A: मुझे उम्मीद है कि हमें एक कहानी मिलेगी, लेकिन अभी पार्ट 2 बनाने की कोई योजना नहीं है। हमें पहले पार्ट 1 को और दर्शकों तक पहुंचाना है और इसे विभिन्न भाषाओं में लाना है।
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