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Cannes 2026: Mouni Roy ने भारतीय हस्तशिल्प का जादू बिखेरा, जानें कैसे!

At the Cannes Film Festival 2026, Mouni Roy captivated audiences by wearing a stunning handwoven Gujarat Patola ensemble designed by Pujaa Shah. This exquisite outfit, crafted over 300 hours, not only highlighted India's rich textile heritage but also marked a significant moment in Roy's career as she launched her upcoming film's poster and teaser. With the support of stylist Devrishi Krishan Sharma, Mouni's appearance blended traditional craftsmanship with contemporary fashion, showcasing the artistry of Indian textiles on a global stage. Pujaa Shah emphasized the emotional and historical significance of Patola, making this event a celebration of Indian artisanship.
 
Cannes 2026: Mouni Roy ने भारतीय हस्तशिल्प का जादू बिखेरा, जानें कैसे!

Mouni Roy का शानदार प्रदर्शन


Mouni Roy ने 2026 के Cannes Film Festival में एक अद्भुत छाप छोड़ी, जहां उन्होंने गुजरात के हस्तनिर्मित पटोला परिधान को पहनकर भारतीय शिल्पकला का प्रदर्शन किया। इस खूबसूरत आउटफिट को The House of Patola की Pujaa Shah ने डिज़ाइन किया था, जिसे तैयार करने में 300 घंटे से अधिक का समय लगा। यह परिधान भारत की समृद्ध वस्त्र विरासत और हस्तनिर्मित फैशन की आकर्षण को समर्पित था।


Pujaa Shah, जो असली पटोला बुनाई को संरक्षित करने के लिए जानी जाती हैं, ने इस कृति के माध्यम से भारत की कलात्मक धरोहर को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया। इस परिधान के जटिल विवरणों ने उन कारीगरों की मेहनत और समर्पण को दर्शाया है, जिन्होंने सदियों पुरानी तकनीकों को जीवित रखा है।


प्रसिद्ध स्टाइलिस्ट Devrishi Krishan Sharma ने इस दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे Mouni Roy का Cannes में प्रदर्शन एक ऐसा क्षण बन गया जहां विरासत और समकालीन फैशन का संगम हुआ। यह कार्यक्रम न केवल भारतीय वस्त्रों की सुंदरता को उजागर करता है, बल्कि Roy के करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी है।


फेस्टिवल के दौरान, Mouni Roy ने अपनी आगामी फिल्म का पोस्टर और टीज़र लॉन्च किया, जिससे उनके प्रदर्शन का महत्व और बढ़ गया। उन्होंने गर्व से कहा, "मैंने आज Cannes में अपनी फिल्म का पोस्टर और टीज़र लॉन्च किया। यह मेरे लिए एक बड़ा क्षण है। मैं Pujaa Shah द्वारा तैयार की गई ड्रेस पहनकर गर्व महसूस कर रही हूं, जिसमें 300 घंटे का काम लगा है। धन्यवाद! यह गुजरात का पटोला काम है, जो मुझे बेहद खूबसूरत लगता है।"


Pujaa Shah ने इस कृति के बारे में अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पटोला केवल एक वस्त्र नहीं है; यह भावना, इतिहास और पहचान का प्रतीक है। "इस शिल्प को Cannes में ले जाना विशेष है क्योंकि यह हमारे कारीगरों को वह मान्यता देता है जिसके वे हकदार हैं," उन्होंने कहा। शाह ने यह भी बताया कि हर धागा उन हाथों की मेहनत को दर्शाता है जिन्होंने इस विरासत को पीढ़ियों से सुरक्षित रखा है।


Mouni Roy का यह शानदार प्रदर्शन भारतीय हस्तशिल्प की कला को उजागर करता है, जो विश्व के सबसे प्रतिष्ठित मंचों में से एक पर गर्व से प्रस्तुत किया गया। यह उपस्थिति न केवल भारतीय फैशन के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, बल्कि कारीगरों और हैंडलूम परंपराओं के महत्व को भी रेखांकित करती है। इस सहयोग के माध्यम से, Pujaa Shah ने यह स्पष्ट किया कि विरासत शिल्प अमर हैं और उन्हें हर वैश्विक मंच पर मान्यता मिलनी चाहिए।


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