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सलमा हायेक का खुलासा: ‘फ्रीडा’ फिल्म को लेकर उठे थे सवाल, जानें क्या कहा!

सलमा हायेक ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पर साझा किया कि कैसे फिल्म ‘फ्रीडा’ के निर्माण के दौरान कई लोगों ने कहा था कि यह फिल्म कभी नहीं बनेगी। उन्होंने इस फिल्म की 24वीं वर्षगांठ पर अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस तरह से इस फिल्म को लेकर संदेह था। जानें इस दिलचस्प कहानी के बारे में और फ्रीडा काहलो की कला के महत्व को समझें।
 

सलमा हायेक ने साझा की ‘फ्रीडा’ की यात्रा




लॉस एंजेलिस, 25 अक्टूबर। हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री सलमा हायेक ने हाल ही में बताया कि जब वह फिल्म ‘फ्रीडा’ पर काम कर रही थीं, तब कई लोगों ने कहा था कि यह फिल्म कभी नहीं बनेगी। इस फिल्म की रिलीज के 24 साल पूरे होने के अवसर पर, सलमा ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि हॉलीवुड में इस तरह की कहानी को लेकर संदेह था।


सलमा हायेक ने रविवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर फिल्म की कुछ झलकियां साझा कीं और बताया कि कैसे शुरुआत में इस फिल्म को लेकर कई तरह की चिंताएं व्यक्त की गई थीं।


उन्होंने लिखा, “आज ‘फ्रीडा’ की रिलीज के 24 साल पूरे हो गए हैं। एक समय ऐसा था, जब मुझसे कहा गया था कि यह फिल्म कभी नहीं बन पाएगी। कहा गया कि ‘फ्रीडा’ जैसी कहानी हॉलीवुड के लिए आसान नहीं है। यह बहुत ज्यादा मैक्सिकन, बहुत गहन, बहुत राजनीतिक और बहुत अलग है। दूसरे शब्दों में कहें तो लोगों का मानना था कि यह फिल्म सफल नहीं होगी।”


सलमा का यह बयान उस समय को याद दिलाता है, जब फ्रीडा काहलो के जीवन और संघर्षों पर आधारित इस कहानी को पर्दे पर लाने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि, फिल्म ने बाद में आलोचकों से काफी प्रशंसा प्राप्त की।


पिछले साल सितंबर में, सलमा ने फ्रीडा काहलो के जीवन को बदलने वाली दर्दनाक बस दुर्घटना के 100 साल पूरे होने पर उन्हें याद किया था। उन्होंने इस दुर्घटना के बाद फ्रीडा के संघर्ष और उनकी कला के माध्यम से दुनिया पर छोड़ी गई अमिट छाप को याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया था।


सलमा ने अपने पोस्ट में लिखा था, “सितंबर 1925 में, 100 साल पहले, जब फ्रीडा काहलो महज 18 साल की थीं, तब एक दर्दनाक बस दुर्घटना ने उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। उनके शरीर को असहनीय चोटें आईं और उन्हें कई महीनों तक बिस्तर पर रहना पड़ा।”


उन्होंने आगे लिखा कि उस एकांत के दौरान, अपने ऊपर लगे शीशे और हाथ में पेंटब्रश के सहारे फ्रीडा ने अपनी आंतरिक दुनिया को तलाशना शुरू किया। जो शुरुआत में दर्द सहने का एक तरीका था, वही आगे चलकर दुनिया के लिए उनकी सबसे बड़ी देन बन गया।


सलमा के अनुसार, फ्रीडा की कला ताकत, पहचान और विपरीत परिस्थितियों में डटे रहने की क्षमता को दर्शाती है। उनकी विरासत यह याद दिलाती है कि जीवन के सबसे कठिन पलों में भी सुंदरता और साहस जन्म ले सकते हैं। सलमा ने अपने संदेश में फ्रीडा काहलो के साहस और उनकी कलात्मक विरासत को सलाम किया।


निर्देशक जूली टेमोर द्वारा निर्देशित फिल्म ‘फ्रीडा’ मैक्सिकन चित्रकार फ्रीडा काहलो के जीवन पर आधारित एक जीवनीपरक ड्रामा है। इस फिल्म को समीक्षकों से काफी सराहना मिली और इसने कलाकार के जीवन, संघर्ष तथा उनकी विशिष्ट कलात्मक पहचान को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत किया।


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