श्रेया घोषाल का नया लाइव एल्बम: कैसे समझती हैं वो विभिन्न भाषाओं की बारीकियां?
श्रेया घोषाल का संगीत सफर
मुंबई, 3 अप्रैल। हाल ही में अपने ‘ऑल हार्ट्स टूर’ का लाइव एल्बम लॉन्च करने वाली प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर श्रेया घोषाल ने साझा किया कि वह भारत की विभिन्न भाषाओं में गाते समय कैसे बारीकियों को समझती हैं।
उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि उनके लिए सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती। वह गाने में आवाज की अभिव्यक्ति और छोटे-छोटे तत्वों पर विशेष ध्यान देती हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी किसी ऐसे व्यक्ति से कुछ सीखा है जो संगीत के क्षेत्र से नहीं है, तो उन्होंने कहा कि यह अक्सर होता है।
श्रेया ने कहा, "यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। मैं क्षेत्रीय स्तर पर बहुत काम करती हूं। मैंने हमेशा से क्षेत्रीय भाषाओं में गाने गाए हैं। जब मुझे तमिल या मलयालम गाना गाना होता है, तो मैं पूरी टीम की बॉडी लैंग्वेज, उनके बोलने के लहजे और हर शब्द के उच्चारण का बारीकी से अध्ययन करती हूं। लोगों को देखकर और समझकर मुझे उन भाषाओं के गानों के करीब पहुंचने में मदद मिलती है।"
उन्होंने आगे बताया, "मैं यह सब उन लोगों से सीखती हूं जो स्टूडियो में होते हैं। इसमें टीम के सभी सदस्य शामिल होते हैं, खासकर उस गाने के रचनाकार और कोई भी व्यक्ति जो उस भाषा को जानता हो या उस गाने की कहानी से परिचित हो। इसलिए मैं लगातार सीखती रहती हूं। यह सिर्फ़ भाषा तक सीमित नहीं है।"
उदाहरण देते हुए श्रेया ने कहा कि यदि किसी गाने में लोक संगीत के तत्व हैं, तो वह अपने मन में उससे जुड़े उदाहरणों को याद करती हैं। जैसे, अगर गाना गुजराती लोक शैली का है, तो वह सोचती हैं कि अगर उस शैली के प्रसिद्ध गायक गाते, तो कैसे गाते। इस तरह वह विभिन्न स्रोतों से प्रेरणा लेती रहती हैं, जो उनके गायन में मददगार साबित होता है।
इस बीच, उनका ‘ऑल हार्ट्स टूर’ लाइव एल्बम सोनी म्यूजिक इंडिया के तहत जारी किया गया है।
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