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महिला दिवस पर देखने योग्य बॉलीवुड फिल्में

8 मार्च को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर, जानें उन बॉलीवुड फिल्मों के बारे में जो महिलाओं के मुद्दों को उजागर करती हैं। 'थप्पड़', 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का', 'मॉम', 'पिंक', और 'दंगल' जैसी फिल्में न केवल मनोरंजन करती हैं, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण का भी संदेश देती हैं। इन फिल्मों के माध्यम से दर्शकों को महिलाओं की स्थिति और संघर्षों के बारे में जागरूक किया जाता है।
 
महिला दिवस पर देखने योग्य बॉलीवुड फिल्में

महिला दिवस 2026: महिलाओं की स्थिति पर ध्यान

आज, 8 मार्च को, विश्वभर में 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026' मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर महिलाओं की स्थिति में सुधार लाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बॉलीवुड में भी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई फिल्में बनाई गई हैं, जो उन मुद्दों को उजागर करती हैं जिन पर अक्सर चर्चा नहीं होती। आइए जानते हैं महिला दिवस के इस मौके पर कौन-सी फिल्में देखना चाहिए।


थप्पड़ (2020)

इस फिल्म में तापसी पन्नू ने मुख्य भूमिका निभाई है। कहानी में एक महिला के घरेलू हिंसा का शिकार होने की स्थिति को दर्शाया गया है। वह अपने घर में रहने और उसे संभालने का निर्णय लेती है, लेकिन उसके पति को लगता है कि वह मजबूर है। एक थप्पड़ उसे अपनी स्थिति पर विचार करने के लिए मजबूर करता है।


लिपस्टिक अंडर माय बुर्का (2017)

यह फिल्म चार विभिन्न महिलाओं की कहानियों को प्रस्तुत करती है। हर महिला की परिस्थिति और संघर्ष अलग है, लेकिन सभी किसी न किसी रूप में पीड़ा का सामना कर रही हैं। एक महिला उम्र के कारण अपनी इच्छाओं को दबाने पर मजबूर है, जबकि दूसरी को अपनी पसंद के अनुसार काम करने की स्वतंत्रता नहीं मिलती। तीसरी महिला को स्वतंत्र जीवन जीने से रोका जाता है, और चौथी की शादी उसकी इच्छा के खिलाफ होती है।


मॉम (2017)

इस फिल्म में यौन हिंसा और कानूनी प्रणाली की विफलता को दर्शाया गया है, जिसमें एक मां अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करती है। श्रीदेवी ने इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई है, जबकि सजल अली, अक्षय खन्ना और नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने महत्वपूर्ण किरदार निभाए हैं।


पिंक (2016)

तापसी पन्नू की बेहतरीन अदाकारी इस फिल्म में देखने को मिलती है। 'पिंक' में यह संदेश दिया गया है कि एक महिला की 'ना' को समझना आवश्यक है। यह गलत है मान लेना कि यदि कोई पुरुष किसी महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहता है, तो महिला की सहमति आवश्यक है। हर व्यक्ति की अपनी इच्छाएं होती हैं, और यदि कोई महिला स्पष्ट रूप से मना करती है, तो उसके फैसले का सम्मान करना जरूरी है।


दंगल (2016)

इस फिल्म में आमिर खान की अदाकारी के माध्यम से दिखाया गया है कि जब कोई लड़की खेल के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखती है, तो उसे समाज और परिस्थितियों से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। फिल्म यह संदेश भी देती है कि अगर लड़कियां मेहनत और हिम्मत से आगे बढ़ें, तो वे अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं।


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