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मनमोहन देसाई: हिंदी सिनेमा के वो जादूगर जिन्होंने बनाई क्लासिक फिल्में

मनमोहन देसाई, हिंदी सिनेमा के एक महान निर्देशक, ने 70 और 80 के दशक में कई सफल फिल्में बनाई। उनके काम में एक्शन, इमोशन और कॉमेडी का अनूठा मिश्रण था। जानें उनके जीवन की कहानी, संघर्ष और उनके द्वारा बनाई गई क्लासिक फिल्मों के बारे में।
 
मनमोहन देसाई: हिंदी सिनेमा के वो जादूगर जिन्होंने बनाई क्लासिक फिल्में

मनमोहन देसाई का योगदान


मुंबई, 25 फरवरी। 70 और 80 के दशक में हिंदी सिनेमा में जब बदलाव आ रहा था, तब निर्देशक मनमोहन देसाई ने ऐसी फिल्में बनाई जो दर्शकों को खूब भाईं। उनकी फिल्मों में एक्शन, इमोशन, कॉमेडी और पारिवारिक रिश्तों का अनूठा मेल देखने को मिलता था। यही कारण है कि उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर लंबे समय तक राज किया। उनके नाम 7 सिल्वर जुबली और 4 गोल्डन जुबली फिल्मों का रिकॉर्ड है, जो अपने आप में एक अद्वितीय उपलब्धि है।


मनमोहन देसाई का जन्म 26 फरवरी 1937 को मुंबई में हुआ। उनके पिता, कीकूभाई देसाई, एक फिल्म प्रोड्यूसर थे, जिन्होंने अपना स्टूडियो स्थापित किया। लेकिन जब मनमोहन चार साल के थे, तब उनके पिता का निधन हो गया। परिवार पर भारी कर्ज चढ़ गया, जिसके चलते उन्हें अपने घर और जमीन बेचनी पड़ी। इस कठिनाई ने उनके बचपन को प्रभावित किया और उनके काम में परिवार के बिछड़ने और फिर से मिलने की थीम को शामिल किया।


उनके बड़े भाई सुभाष देसाई ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने का अवसर दिया। मनमोहन ने असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। उनकी पहली प्रमुख फिल्म 'छलिया' थी, जिसमें राज कपूर और नूतन ने अभिनय किया। यह फिल्म सफल रही और इसके गाने जैसे 'बाजे पायल छुन छुन' और 'तेरी राहों में खड़े हैं' बेहद लोकप्रिय हुए। इस फिल्म ने उन्हें एक नई पहचान दिलाई।


1977 उनके करियर का सबसे सफल वर्ष रहा, जब उन्होंने चार हिट फिल्में रिलीज कीं: 'अमर अकबर एंथनी', 'धरम वीर', 'चाचा भतीजा' और 'परवरिश'। इनमें से 'अमर अकबर एंथनी' ने तो इतिहास रच दिया और कई सिनेमाघरों में सिल्वर जुबली मनाई।


उस समय, सिल्वर जुबली का मतलब था कि फिल्म 25 हफ्ते तक चली, जबकि गोल्डन जुबली का अर्थ था 50 हफ्ते। मनमोहन देसाई के नाम लगातार 7 सिल्वर जुबली और 4 गोल्डन जुबली फिल्मों का रिकॉर्ड है।


उनके निजी जीवन में भी कई उतार-चढ़ाव आए। पत्नी के निधन के बाद वे काफी दुखी हो गए थे। बाद में उन्होंने अभिनेत्री नंदा से सगाई की, लेकिन शादी से पहले ही 1 मार्च 1994 को उनका निधन हो गया।


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