गुरु पूर्णिमा पर जानें, कौन सी फ़िल्में हैं शिक्षक-छात्र के रिश्ते की प्रेरणा!
गुरु पूर्णिमा: शिक्षक-छात्र के रिश्ते की महत्ता
29 जुलाई को पूरे देश में गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाएगा। यह अवसर शिक्षक और छात्र के बीच के संबंध को और मजबूत बनाता है। इस दिन, कई लोग ऐसी कहानियाँ देखना पसंद करते हैं जो उन्हें कुछ नया सिखा सकें। आइए, हम कुछ ऐसी फ़िल्मों पर नज़र डालते हैं जो शिक्षक-छात्र के रिश्ते को दर्शाती हैं।
तारे ज़मीन पर
2007 में प्रदर्शित हुई फ़िल्म 'तारे ज़मीन पर' आमिर खान और दर्शील सफारी के साथ है। यह कहानी ईशान नामक एक लड़के की है, जिसका शिक्षक राम शंकर निकुंभ उसे सही मार्गदर्शन देते हैं और उसकी छिपी हुई कला को उजागर करते हैं।
इकबाल
2005 में आई फ़िल्म 'इकबाल' में श्रेयस तलपड़े और नसीरुद्दीन शाह हैं। यह एक ऐसे लड़के की कहानी है जो सुन और बोल नहीं सकता, लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम में खेलने का सपना देखता है। एक पूर्व क्रिकेटर उसका मार्गदर्शक बनता है और हर कदम पर उसका साथ देता है।
सुपर 30
ऋतिक रोशन की मुख्य भूमिका वाली फ़िल्म 'सुपर 30' गणितज्ञ आनंद कुमार के जीवन पर आधारित है। वह गरीब बच्चों को IIT की प्रवेश परीक्षा के लिए निःशुल्क तैयारी कराते हैं। यह फ़िल्म 2019 में रिलीज़ हुई थी और इसमें छात्रों में आत्मविश्वास जगाने का भी संदेश है।
चक दे! इंडिया
2007 में आई फ़िल्म 'चक दे! इंडिया' में शाहरुख़ ख़ान एक हॉकी कोच कबीर खान की भूमिका में हैं, जो भारतीय महिला हॉकी टीम को विश्व चैंपियन बनाने का प्रयास करते हैं। वह खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ अनुशासन और टीमवर्क का महत्व भी सिखाते हैं।
ब्लैक
2005 में प्रदर्शित 'ब्लैक' में अमिताभ बच्चन और रानी मुखर्जी हैं। यह कहानी एक अंधी और बहरी लड़की की है, जिसका शिक्षक देबराज सहाय उसे इशारों और अनोखे तरीकों से दुनिया को समझने में मदद करते हैं। उनका रिश्ता शिक्षक-छात्र से कहीं अधिक गहरा और भरोसेमंद बन जाता है।
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