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क्या ‘रामायण’ के नए गाने ‘रावण तांडव’ ने किया निराश? जानें दर्शकों की राय

निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ का नया गाना ‘रावण तांडव’ रिलीज होते ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। इस गाने में साउथ सुपरस्टार यश रावण के किरदार में भगवान शिव की भक्ति करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, गाने के संगीत और बोल को लेकर दर्शकों ने निराशा व्यक्त की है। कई यूजर्स ने इसे फिल्म ‘आदिपुरुष’ के ‘शिव तांडव’ से कमतर बताया है। सोशल मीडिया पर गाने की लंबाई और उसकी प्रस्तुति पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। क्या यह गाना दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा? जानें पूरी कहानी में।
 

‘रावण तांडव’ पर सोशल मीडिया में बहस

निर्देशक नितेश तिवारी की आगामी फिल्म ‘रामायण’ का नया गाना ‘रावण तांडव’ रिलीज होते ही चर्चा का विषय बन गया है। इस 1 मिनट 55 सेकंड के गाने में साउथ के सुपरस्टार यश रावण के रूप में भगवान शिव की भक्ति करते दिखाई दे रहे हैं। लेकिन, गाने के म्यूजिक और बोल को लेकर दर्शकों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि एआर रहमान का संगीत और कुमार विश्वास के लिखे बोल उनकी अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे। कुछ ने इसे फिल्म ‘आदिपुरुष’ के ‘शिव तांडव’ से कमतर बताया।


गाने की लंबाई पर उठे सवाल


गाने के रिलीज होते ही दर्शकों ने अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। कई यूजर्स का मानना है कि रावण जैसे शक्तिशाली किरदार के लिए जिस प्रकार की ऊर्जा की उम्मीद थी, वह इस गाने में नहीं दिखती। कुछ ने एआर रहमान के संगीत को फिल्म के मूड के अनुकूल नहीं बताया। वहीं, कई लोगों ने गाने की प्रस्तुति और उसके प्रभाव को लेकर निराशा व्यक्त की। हालांकि, यह प्रतिक्रियाएं व्यक्तिगत राय हैं और सभी दर्शकों की सोच एक जैसी नहीं है।


गाने की लंबाई को लेकर दावे

सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा है कि ‘रावण तांडव’ का पूरा वर्जन लगभग 4 मिनट का है, जबकि प्रोमो में इसे 1 मिनट 55 सेकंड का दिखाया गया है। कुछ यूजर्स का मानना है कि गाने को छोटा करने से उसके मूल प्रवाह और ऑडियो क्वालिटी पर असर पड़ा है। उनके अनुसार, लंबे वर्जन में संगीत को विकसित होने का अवसर मिलता, जो छोटे प्रोमो में नहीं दिख रहा। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


‘आदिपुरुष’ के ‘शिव तांडव’ से तुलना

‘रावण तांडव’ की तुलना प्रभास की फिल्म ‘आदिपुरुष’ के ‘शिव तांडव’ से भी की जा रही है। उस फिल्म के लिए अजय-अतुल ने संगीत तैयार किया था। कुछ संगीत प्रेमियों का मानना है कि ‘आदिपुरुष’ का ‘शिव तांडव’ अधिक प्रभावशाली है, क्योंकि उसमें भक्ति और उत्साह का गहरा अनुभव होता है। इसके विपरीत, ‘रामायण’ का नया ट्रैक वैसा भावनात्मक प्रभाव नहीं डाल पा रहा है। कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया है कि फिल्म के अगले भाग के लिए म्यूजिक कंपोजर को बदलने पर विचार किया जाना चाहिए।


एआर रहमान और हंस जिमर से उम्मीदें

फिल्म ‘रामायण’ के संगीत को लेकर दर्शकों में पहले से ही उत्सुकता थी। एआर रहमान और हंस जिमर जैसे दिग्गज संगीतकारों के नाम जुड़ने के कारण लोगों को भव्य और प्रभावशाली संगीत की उम्मीद थी। ऐसे में ‘रावण तांडव’ को लेकर आ रही प्रतिक्रियाएं संगीत पर चल रही बहस को और बढ़ा रही हैं। हालांकि, गाने का पूरा वर्जन और उसका संदर्भ सामने आने के बाद ही संगीत के समग्र प्रभाव का सही आकलन किया जा सकेगा। फिलहाल, ‘रावण तांडव’ को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।


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